
सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज पर हाईकोर्ट का कड़ा प्रहार (Img: Pinterest)
Sultanpur: इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजे जाने के दौरान नवजात की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सुल्तानपुर के राजकीय स्वायत्त मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के नए मेडिकल कॉलेजों की चिकित्सा सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब नए मेडिकल कॉलेजों में प्रसव कराए जा रहे हैं तो आपात स्थिति से निपटने के लिए वेंटिलेटर, ऑक्सीजनयुक्त बेड और विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध क्यों नहीं हैं।
न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की पीठ ने यह टिप्पणी अशुतोष कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की। कोर्ट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, केजीएमयू के कुलपति, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान तथा एसजीपीजीआई के निदेशक और सुलतानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अगली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।
याचिका के अनुसार सुलतानपुर के राजकीय स्वायत्त मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद नवजात के सामने जन्मजात जटिलताएं सामने आईं। उसे तत्काल वेंटिलेटर और बाल शल्य चिकित्सक की जरूरत थी, लेकिन मेडिकल कॉलेज में दोनों सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
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नवजात को इसके बाद लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया, लेकिन वहां ऑक्सीजनयुक्त बेड उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान भेजा गया, जहां भी बेड नहीं मिला। एसजीपीजीआई के संबंधित विभाग में भी जगह उपलब्ध नहीं हो सकी। अस्पतालों के बीच रेफर किए जाने की इस कवायद के बीच जन्म के करीब 24 घंटे के भीतर नवजात की मौत हो गई।
हाईकोर्ट ने कहा कि गंभीर जन्मजात जटिलताओं वाले नवजात को तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा और जीवनरक्षक उपकरणों की जरूरत पड़ सकती है। यदि नए मेडिकल कॉलेजों में ऐसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी तो मरीजों को लगातार एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर करने की स्थिति बनी रहेगी।
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पीठ ने सरकार से प्रदेश में हाल में खोले गए अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही पूर्व के न्यायिक आदेशों के अनुरूप व्यवस्थाएं लागू किए जाने की स्थिति बताने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अन्य नए मेडिकल कॉलेजों में भी ऐसी कमियां नहीं रहनी चाहिए।
Location : Sultanpur
Published : 10 September 2026, 11:37 AM IST