
बाबा आनंदेश्वर मंदिर (Img : Dynamite News)
कानपुर: शहर के परमट स्थित बाबा आनंदेश्वर मंदिर परिसर में मां लक्ष्मी-कुबेर धाम इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दरअसल, दीपावली के उपलक्ष्य में यहां मां लक्ष्मी-कुबेर धाम मंदिर का 52 लाख रुपये के नोटों से भव्य श्रृंगार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
नोटों को बेहद अद्भुत और कलात्मक ढंग से सजाया गया है। यह श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल और आस्था का विषय बना हुआ है। मां लक्ष्मी और कुबेर महाराज के श्रृंगार के अलावा मंदिर की दीवारों से लेकर छत तक 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नोटों से भव्य सजावट की गई है। दीवारों पर नोटों से भगवान शिव, त्रिशूल, राम दरबार और हनुमान जी की आकृतियां उकेरी गई हैं।
कोई सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो देखकर धाम पहुंच रहा है, तो कोई इस अनूठी सजावट को निहारने के लिए मंदिर आ रहा है। यहां के अद्भुत नजारे को देखकर हर कोई प्रसन्न नजर आया। मंदिर में दर्शन करने आईं श्रद्धालु शिवानी ने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर इसकी रील देखी थी। इसके बाद यहां आने का मन हुआ। उन्होंने दर्शन करने के साथ ही यहां की अद्भुत सजावट को भी देखा, जो उन्हें बेहद सुंदर लगी।
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पुजारी योगेश तिवारी के मुताबिक, मंदिर में नोटों से श्रृंगार करने की परंपरा वर्ष 2007 से चली आ रही है। इसकी शुरुआत 5100 रुपये से हुई थी। समय के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और सहभागिता बढ़ती गई और इस साल श्रृंगार में इस्तेमाल होने वाली रकम 52 लाख रुपये तक पहुंच गई। नोटों को अलग-अलग तरीके से सजाकर धाम को आकर्षक स्वरूप दिया गया है। इसकी बारीकी और कलात्मकता लोगों को काफी प्रभावित कर रही है। यह श्रृंगार भाई दूज तक रहेगा।
इस श्रृंगार की खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली पूरी धनराशि श्रद्धालु स्वयं उपलब्ध कराते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार नोट देते हैं। कोई 5 हजार, कोई 10 हजार, तो कोई 20 हजार या एक लाख रुपये तक का सहयोग करता है। इसी सहयोग से मां लक्ष्मी-कुबेर धाम का दरबार सजाया जाता है। श्रृंगार पूरा होने और दर्शन-पूजन के बाद ये नोट संबंधित श्रद्धालुओं को वापस कर दिए जाते हैं।
ऐसी मान्यता है कि मां लक्ष्मी और कुबेर महाराज के दरबार में श्रृंगार के लिए दिए गए नोटों को घर ले जाकर संभालकर रखने से सुख-समृद्धि और धन-धान्य में वृद्धि होती है। इसी विश्वास के चलते कई भक्त इन नोटों को अपनी अलमारी या तिजोरी में रखते हैं। यही वजह है कि हर साल दीपावली पर इस अद्भुत श्रृंगार को देखने और मां के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
Location : कानपुर
Published : 7 November 2026, 7:01 PM IST