सोनभद्र के पन्नूगंज थाना क्षेत्र में धंधरौल बांध में मछली पकड़ने गए दो लोगों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। दोनों अपने एक साथी के साथ बांध पर पहुंचे थे, लेकिन अचानक गहराई में जाने से यह हादसा हो गया। घटना के बाद गांव में मातम छा गया है।

दर्दनाक हादसा
Sonbhadra: जिले के पन्नूगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। मछली पकड़ने के इरादे से बांध में उतरे दो लोग कुछ ही देर में गहरे पानी में समा गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि साथ मौजूद तीसरा साथी कुछ भी नहीं कर सका और देखते ही देखते दोनों पानी में डूब गए। इस घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और परिवारों में मातम का माहौल छा गया।
जानकारी के मुताबिक यह घटना पन्नूगंज थाना क्षेत्र के मझिडढ़ गांव के पास स्थित धंधरौल बांध की है। गुरुवार दोपहर गांव के ही रहने वाले 30 वर्षीय दशमी पुत्र रामविलास और 48 वर्षीय रामराज उर्फ बच्चा पुत्र राम मूरत बिंद अपने साथी आशीष पुत्र अर्जुन के साथ मछली पकड़ने के लिए बांध पर गए थे। तीनों अक्सर यहां मछली पकड़ने आया करते थे।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दशमी और रामराज मछली पकड़ने के लिए बांध के पानी में उतर गए जबकि उनका साथी आशीष किनारे पर ही खड़ा रहा। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था लेकिन कुछ ही देर में दोनों मछली पकड़ते-पकड़ते बांध के गहरे हिस्से में चले गए।
बताया जा रहा है कि जैसे ही दोनों गहरे पानी में पहुंचे, अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे डूबने लगे। किनारे पर खड़े आशीष ने जब उन्हें पानी में संघर्ष करते देखा तो वह घबरा गया और जोर-जोर से शोर मचाने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े।
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ग्रामीणों और परिजनों ने तुरंत दोनों को बचाने की कोशिश की लेकिन पानी काफी गहरा होने के कारण कोई भी उन्हें समय रहते बाहर नहीं निकाल सका।
घटना की सूचना मिलते ही पन्नूगंज थाना प्रभारी कुमुद शेखर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से बांध में तलाश अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद मझिडढ़ गांव में शोक का माहौल है। मृतकों के घरों में रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। जो लोग सुबह तक सामान्य दिनचर्या में लगे थे। उन्हें क्या पता था कि दोपहर होते-होते यह हादसा दो परिवारों की खुशियां छीन लेगा।