गाजियाबाद में तीन बहनों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में पुलिस कोरियन लवर गेम, डिजिटल टास्क और पारिवारिक ढांचे के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। यह मामला सच में बेहद खौफनाक है, जिसका अंदाजा कोई नहीं लगा सकता था।

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Ghaziabad: गाजियाबाद में एक घर के दरवाजे नहीं खुले, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि अंदर तीन जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो चुकी हैं। तीन बहनें एक ही कमरे में और एक ही फैसले के साथ खामोश हो गई। पहली नजर में यह महज सुसाइड का मामला लगा, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुली, एक डरावनी कहानी सामने आती चली गई। कोरियन लवर गेम, डिजिटल टास्क और एक उलझा हुआ पारिवारिक ढांचा। इस केस को अब सिर्फ घरेलू घटना नहीं रहने दे रहा।
पिता की 2 बीवी
पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चियों के पिता ने दो शादियां की थी। पहली शादी के कई साल बाद तक संतान नहीं हुई तो उन्होंने पहली पत्नी की छोटी बहन से दूसरी शादी कर ली। दूसरी पत्नी से तीन बच्चे हुए और कुछ समय बाद पहली पत्नी से भी दो बच्चे पैदा हुए। इस तरह एक ही घर में दो पत्नियां और पांच बच्चे रहते थे। बाहर से यह परिवार सामान्य दिखता था, लेकिन इसी घर में धीरे-धीरे एक खामोश दबाव पनप रहा था।
जिन तीन बहनों ने जान दी, उनमें दो दूसरी पत्नी की बेटियां और एक पहली पत्नी की बेटी। तीनों पिछले दो साल से स्कूल नहीं जा रही थी। बताया गया कि पढ़ाई में कमजोर होने की वजह से उन्हें घर पर ही रखा गया। यहीं से उनकी दुनिया सिमटकर मोबाइल और चार दीवारों तक रह गई। बाहरी दुनिया से कटाव ने उन्हें डिजिटल कंटेंट के और करीब कर दिया।
50 टास्क और आखिरी दिन
पुलिस को शक है कि तीनों बच्चियां किसी टास्क बेस्ड ऑनलाइन गेम या मानसिक चुनौती से जुड़ी थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इसमें करीब 50 टास्क हो सकते हैं और जिस दिन यह घटना हुई, वह आखिरी टास्क का दिन था। यह कोई संगठित गेम था या सोशल मीडिया के जरिए बना मानसिक दबाव, इसे लेकर पुलिस अभी जांच कर रही है।
बीच वाली बहन की भूमिका
जांच एजेंसियों को शक है कि तीनों में से बीच वाली बहन इस पूरी प्रक्रिया की लीडर थी। वही फैसले लेती थी और बाकी दोनों उसी के साथ चलती थी। तीनों हर काम साथ करती थी, जिससे अलग सोचने की गुंजाइश खत्म होती चली गई।
मोबाइल, सुसाइड नोट और जांच
घटना के बाद पुलिस ने सभी मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। डिजिटल फोरेंसिक टीम कॉल, चैट, ऐप्स और वीडियो खंगाल रही है। एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें कोरियन कल्चर का जिक्र है। डीसीपी निमिष पाटिल के मुताबिक, अभी किसी खास गेम का ठोस सबूत नहीं मिला है, लेकिन हर एंगल से जांच जारी है।