
कुलदीप सेंगर (Img : Google)
Lucknow : उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) को मिली अंतरिम राहत खत्म कर दी है। अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया। जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाई गई थी और उन्हें अंतरिम जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पीड़िता के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की स्वास्थ्य संबंधी दलीलों को ध्यान में रखते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी थी। कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत भी दे दी थी। इस फैसले के बाद सीबीआई ने इसका विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सीबीआई का कहना था कि मामला बेहद गंभीर है और दोषी को राहत देना गलत संदेश दे सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब शीर्ष अदालत ने उस आदेश को पूरी तरह रद्द कर दिया है।
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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट को मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर दोबारा विचार करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह दो महीने के भीतर मामले पर नया फैसला सुनाए। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट स्वतंत्र रूप से फैसला ले और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित न हो।
यह मामला साल 2017 का है। आरोप है कि सेंगर ने एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया था। मामला सामने आने के बाद पूरे देश में भारी नाराजगी देखने को मिली थी। बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। जांच और सुनवाई के बाद साल 2019 में अदालत ने सेंगर को दोषी करार दिया। उन्हें भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
Location : New Delhi
Published : 15 May 2026, 1:09 PM IST