
SDM के बयान से शिक्षकों में उबाल
Sultanpur: जनगणना प्रशिक्षण केंद्र में लिफ्ट गिरने से शिक्षकों के घायल होने की घटना के बाद अब प्रशासनिक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एसडीएम सदर गरिमा सोनकिया की ओर से जारी वीडियो बयान में हादसे के लिए लिफ्ट की क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने को जिम्मेदार बताया गया है। इस बयान पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ी आपत्ति जताते हुए नाराजगी व्यक्त की है।
एसडीएम गरिमा सोनकिया ने अपने बयान में बताया कि लिफ्ट की निर्धारित क्षमता 11 लोगों की थी, जबकि जल्दबाजी में 19 प्रशिक्षणार्थी उसमें सवार हो गए थे। लिफ्टमैन की ओर से मना किए जाने के बावजूद अधिक लोगों के सवार होने को उन्होंने हादसे की वजह बताया।
वहीं, शिक्षक संगठन का कहना है कि हादसे में घायल शिक्षकों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने के बजाय उन्हें ही जिम्मेदार ठहराने वाला बयान उचित नहीं है। संगठन के पदाधिकारियों ने एसडीएम के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है। जिलाध्यक्ष दिलीप पांडेय ने शिक्षकों के सम्मान और उनके साथ न्याय की मांग उठाई है।
लिफ्ट हादसे पर प्रशासनिक बयान से बढ़ी तल्खी
हादसे में घायल होने वालों में बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका प्रियंका शुक्ला, सीमा सिंह, रीतू सिंह, बृजेश कुमार, अर्जुन प्रसाद, मोहम्मद कलीम, मृदुल कुमार, अरुणेंद्र प्रताप सिंह, रंजीत यादव और राजेंद्र प्रसाद के नाम बताए जा रहे हैं।
शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर संगठन चुप नहीं रहेगा। पदाधिकारियों की ओर से एसडीएम से अपने बयान को लेकर स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने की मांग की गई है। संगठन का मानना है कि सार्वजनिक पद पर बैठे अधिकारियों को किसी भी वर्ग के प्रति टिप्पणी करते समय मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
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शिक्षक संगठन ने मामले में निष्पक्ष जांच कराने और घायल शिक्षकों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।
Location : Sultanpur
Published : 1 November 2026, 1:27 AM IST