
सुलतानपुर में सैकड़ों लेखपालों का हल्लाबोल (IMG: Dynamite News)
Sultanpur News: लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर सुलतानपुर में लेखपालों ने शनिवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। प्रदेश संघ के आह्वान पर जिले के सैकड़ों लेखपाल तहसील दिवस से अलग रहे और सदर तहसील परिसर में धरना देकर विरोध जताया। जिला अध्यक्ष की अगुवाई में हुए प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने शासन से वर्षों से लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
धरने पर लेखपालों ने कहा कि उनकी कई मांगें वर्ष 2016 से लंबित चली आ रही हैं। लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। इसी के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत सुलतानपुर में भी लेखपालों ने कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया। लेखपाल संघ का कहना है कि बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद ठोस निर्णय नहीं होने के कारण अब आंदोलन के जरिए शासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है।
लेखपाल संघ की ओर से कई मांगें प्रमुखता से उठाई गईं। इनमें अंतरमंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया दोबारा शुरू करना, लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों की गृह जनपद में तैनाती और वेतन विसंगतियों को दूर करना शामिल है। इसके अलावा लेखपालों को टैबलेट और लैपटॉप उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजस्व विभाग के कामकाज में डिजिटल व्यवस्था लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन अभिलेख, अलग-अलग पोर्टल पर रिपोर्टिंग और अन्य डिजिटल कार्यों के बावजूद पर्याप्त तकनीकी संसाधन उपलब्ध नहीं होने से काम करने में दिक्कत आती है।
शनिवार को तहसील दिवस के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर तहसील पहुंचते हैं। राजस्व से जुड़े मामलों में लेखपालों की रिपोर्ट और मौके की जांच महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में कार्य बहिष्कार के चलते राजस्व संबंधी शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावित होने की स्थिति बनी। लेखपालों के धरने के कारण सदर तहसील परिसर में आंदोलन का माहौल रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने शासन से उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेने की मांग की।
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धरने पर बैठे लेखपालों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से शासन के सामने हैं। अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। शासन को लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लेना होगा। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा। यानी फिलहाल लेखपालों का विरोध केवल एक दिन के कार्य बहिष्कार तक सीमित रहेगा या आगे इसका विस्तार होगा, यह शासन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
प्रदेश संघ के आह्वान पर जिले की अन्य तहसीलों में भी लेखपालों के कार्य बहिष्कार का असर देखने को मिला। लेखपालों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और शासन से जल्द समाधान की मांग की।
Location : Sultanpur
Published : 3 October 2026, 3:01 PM IST