
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिसकर्मी से मारपीट
Sultanpur: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान सिपाही के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि जाम खुलवाने के लिए कहने पर कुछ लोगों ने आरक्षी के साथ मारपीट की। हमले में सिपाही के सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद उन्हें 19 टांके लगाने पड़े। मामले में घायल पुलिसकर्मी की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने पूजा समिति के पदाधिकारियों, डीजे संचालक समेत नामजद और 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
तहरीर के मुताबिक, प्रयागराज निवासी आरक्षी अश्वनी मिश्रा वर्तमान में सुलतानपुर न्यायालय सुरक्षा ड्यूटी में तैनात हैं। 26 अक्टूबर की रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान उनकी ड्यूटी सादे कपड़ों में रोडवेज से सीताकुंड तक वाचर्स ड्यूटी के लिए लगाई गई थी।
हमले में घायल पुलिसकर्मी
आरोप है कि 27 अक्टूबर की रात करीब 2:20 बजे जिलाधिकारी आवास के सामने तीन डीजे के बीच मुकाबला चल रहा था। इससे मुख्य मार्ग पर जाम लग गया और रोडवेज बसों समेत अन्य वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। यातायात सुचारु कराने के लिए आरक्षी ने बसौढ़ी की श्री दुर्गा माता पूजा समिति की प्रतिमा के साथ चल रहे ट्रैक्टर पर लगे डीजे को आगे बढ़ाने के लिए कहा।
आरक्षी के अनुसार, इस पर समिति के अध्यक्ष भैयाराम, उपाध्यक्ष सरजू प्रसाद और उपसंरक्षक पंकज कुमार निषाद से विवाद हो गया। पुलिसकर्मी होने का परिचय देकर रास्ता खाली कराने की बात कहने पर आरोपियों ने कथित तौर पर अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया।
तहरीर में रोहित निषाद, नीरज मझवार, प्रदीप कुमार, घनश्याम निषाद, मंटू, सभाजीत, कान्तिका प्रसाद, बीबू कश्यप, कन्हैयालाल, सूरज निषाद, गोलू निषाद और अजय कुमार समेत अन्य लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि हमलावरों ने आरक्षी को सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा और लोहे की रॉड व लाठी से सिर पर वार किया। इससे उनके सिर में तीन जगह गंभीर चोटें आईं।
जान बचाने के लिए आरक्षी रोडवेज की ओर भागे। आरोप है कि हमलावरों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन रोडवेज पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास पहुंचने के बाद वे वहां से भाग निकले। घटना की सूचना मिलने पर मेला सेल में तैनात आरक्षी सूरज त्रिपाठी क्यूआरटी के साथ मौके पर पहुंचे। घायल सिपाही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान तेज आवाज और बेस वाले डीजे को लेकर भी लोगों में नाराजगी रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पूरी रात तेज आवाज में डीजे बजने से मरीजों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों को शोर से बचने के लिए कानों में रुई लगाकर निकलना पड़ा।
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ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित मानकों और न्यायालय के निर्देशों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस मामले में आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है और ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।
Location : Sultanpur
Published : 28 October 2026, 2:41 PM IST