Sultanpur: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर अलर्ट, डीएम ने सभी विभागों को दिए मुस्तैद रहने के निर्देश

सुलतानपुर में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। 28 से 31 अक्टूबर तक संभावित खराब मौसम के मद्देनजर डीएम इंद्रजीत सिंह ने सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 28 October 2026, 7:12 PM IST

Sultanpur: बंगाल की खाड़ी में उठ रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के मद्देनजर सुलतानपुर जिला प्रशासन ने एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावित भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम के दौरान जनसामान्य की सुरक्षा, आवश्यक सेवाओं की निरंतरता और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाना प्राथमिकता होगी।

बैठक में हुई तैयारियों की समीक्षा

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित बैठक में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से 28 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच खराब मौसम की संभावनाओं को लेकर जारी चेतावनी के मद्देनजर विभागवार तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने विभाग की कार्ययोजना तैयार रखें और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए कर्मचारियों, वाहनों, उपकरणों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने और मौसम से जुड़ी चेतावनियों को आम लोगों तक समय से पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।

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जर्जर भवनों और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर

जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को जिले में जर्जर भवनों, कमजोर संरचनाओं और संभावित जोखिम वाले स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए। लेखपालों को गांवों में भ्रमण कर लोगों को खराब मौसम के प्रति जागरूक करने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जानकारी देने को कहा गया। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि संभावित खतरे वाले स्थानों की पहले से पहचान कर ली जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सके।

पंचायती राज विभाग को ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में चेतावनी का प्रचार-प्रसार कराने और जलभराव की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। संबंधित अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर निगरानी बनाए रखने और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

अस्पतालों में दवाएं और एंबुलेंस तैयार रखने के निर्देश

संभावित आपात स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा गया। चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही एंबुलेंस, जरूरी दवाओं और अन्य चिकित्सा संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को समय पर उपचार मिल सके।

जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए। आंधी-तूफान के दौरान बिजली के खंभों और तारों को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए मरम्मत टीमों को तैयार रखने और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था करने को कहा गया। क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए आवश्यक सतर्कता बरतने पर भी जोर दिया गया।

पेड़ गिरने पर तत्काल बहाली के लिए तैयार रहेंगी टीमें

वन विभाग और लोक निर्माण विभाग को संभावित आंधी के दौरान पेड़ गिरने या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि जेसीबी, अन्य उपकरण और संबंधित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बाधित सड़कों को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके और आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो।

कृषि विभाग को किसानों को मौसम के संभावित प्रभावों से बचाव के लिए आवश्यक सलाह जारी करने के निर्देश दिए गए। किसानों को फसलों की सुरक्षा के संबंध में समय से जानकारी उपलब्ध कराने और मौसम की स्थिति के अनुसार जरूरी सावधानियां बरतने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर

खराब मौसम के दौरान बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग को विद्यालयों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया। बच्चों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए, ताकि आंधी और वज्रपात जैसी परिस्थितियों में संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

नगर निकायों को भी अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। जर्जर भवनों और कमजोर होर्डिंग्स की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करने और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों तक मौसम संबंधी चेतावनी पहुंचाने को कहा गया। शहरी क्षेत्रों में जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर भी निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

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शाम चार बजे तक मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट

जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल कागजी तैयारियों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने-अपने विभाग की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सुनिश्चित करें। किसी भी आपात परिस्थिति में संबंधित विभाग तत्काल सक्रिय हों और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने में देरी न हो।

उन्होंने कहा कि जनसामान्य की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम के कारण किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर उसकी सूचना तत्काल जिला आपदा नियंत्रण केंद्र को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को शाम चार बजे तक की गई तैयारियों और कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, चेतावनी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। खराब मौसम की स्थिति में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

Location :  Sultanpur

Published :  28 October 2026, 6:32 PM IST