गोरखपुर में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची पर जोर दिया। अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बीएलओ को दिए कड़े निर्देश
Gorakhpur: मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की गोरखपुर जनपद में प्रगति की गहन समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि लोकतंत्र की मजबूती की नींव एक शुद्ध मतदाता सूची है और इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक के दौरान कहा कि मतदाता सूची किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार होती है। यदि मतदाता सूची में त्रुटियां होंगी तो निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की कल्पना अधूरी रह जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना प्रशासन की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की भूमिका को अत्यंत निर्णायक बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आवेदन पत्रों का भौतिक सत्यापन पूरी ईमानदारी और सतर्कता के साथ किया जाए। फार्म में दर्ज नाम, पता, आयु और अन्य विवरणों का मिलान निर्धारित प्रमाण पत्रों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अपात्र व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में न जुड़ पाए और पात्र नागरिक किसी भी परिस्थिति में सूची से बाहर न रहें।
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बैठक में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि नए मतदाताओं का नाम जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी कारणवश पूर्व मतदाता सूची में किसी पात्र नागरिक का नाम छूट गया है तो उसे तत्काल निर्धारित दस्तावेजों के साथ शामिल किया जाए। इसके लिए विद्यालयों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध बनाए रखने के लिए मृतक और स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि किसी भी तरह की त्रुटि या विवाद की संभावना न रहे।
बैठक में ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित समीक्षा करें और जहां कहीं शिथिलता या लापरवाही नजर आए, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस समीक्षा बैठक में गोरखपुर से जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी दीपक मीणा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त) विनीत कुमार सिंह सहित सभी एसडीएम, एसीएम और सहायक निर्वाचन अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बीएलओ के कार्यों की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी आवेदन लंबित न रहे।