फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम को ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली मामले में शासन ने निलंबित कर दिया है। STF जांच में कई जिलों के अधिकारियों की भूमिका सामने आई है।

पुष्पांजलि मित्रा गौतम
Fatehpur: सरकारी पद, सख्त जिम्मेदारी और फिर पर्दे के पीछे चल रहा अवैध खेल…उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से सामने आया यह मामला सिस्टम की जड़ों में बैठे भ्रष्टाचार की एक और परत खोलता है। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के गंभीर आरोपों में फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम को आखिरकार शासन ने निलंबित कर दिया है। STF की कार्रवाई और दर्ज मुकदमों के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है।
STF की छापेमारी से हुआ बड़े खेल का खुलासा
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 11 नवंबर को हुई, जब STF लखनऊ की टीम ने रायबरेली जिले में ओवरलोड भारी वाहनों से अवैध वसूली की सूचना पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान लोकेटर मोहित सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे सामने आए, उन्होंने कई जिलों के परिवहन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए।
पूछताछ में सामने आए कई जिलों के नाम
STF की पूछताछ में मोहित सिंह के पास से 141 भारी वाहनों से अवैध वसूली की सूची बरामद हुई। मोहित ने बताया कि ओवरलोड वाहनों से वसूली गई रकम केवल रायबरेली तक सीमित नहीं थी। उसने खुलासा किया कि रायबरेली के एआरटीओ और पीटीओ के अलावा फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम और पीटीओ अखिलेश को भी चालकों के जरिए यह पैसा पहुंचाया जाता था।
फतेहपुर के थरियांव थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
इस खुलासे के बाद पहले रायबरेली जिले में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए STF ने फतेहपुर जिले के थरियांव थाने में भी अलग से मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया।
हाईकोर्ट से राहत के बाद भी करती रही काम
मुकदमा दर्ज होने के बाद एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश हासिल कर लिया था। इसके बाद भी वह लगातार अपने पद पर बनी रहीं और कार्यालय का कार्यभार संभालती रहीं, जिसे लेकर विभाग के अंदर भी सवाल उठते रहे।
जांच में ढाबा संचालकों की भूमिका
पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच थरियांव थाना प्रभारी वीर सिंह को सौंपी थी। जांच के दौरान कई ढाबा संचालकों के नाम भी सामने आए, जिनकी भूमिका ओवरलोड वाहनों से वसूली में संदिग्ध पाई गई। इस मामले में अब तक कुछ गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं और पूछताछ जारी है।
निलंबन से परिवहन विभाग में मचा हड़कंप
शासन द्वारा एआरटीओ के निलंबन की कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस अवैध वसूली नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।