सोनभद्र की तिलौली गांव की खुशबू रानी ने यूपीपीसीएस 2024 में 21वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर बनीं। उनकी सफलता ने परिवार, गांव और युवाओं के लिए प्रेरणा का संदेश दिया।

सोनभद्र की बेटी खुशबू रानी यूपीपीसीएस में सफल (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Sonbhadra: घोरावल तहसील क्षेत्र के तिलौली गांव की रहने वाली खुशबू रानी ने यूपीपीसीएस 2024 परीक्षा में 21वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। उनका चयन असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) के पद पर हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
खुशबू रानी एक सामान्य किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता राम गोपाल गुप्ता एक मेहनती किसान हैं, जबकि उनकी माता गृहणी हैं। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश के बावजूद खुशबू ने हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प बनाए रखा। उनके बड़े भाई केंद्रीय पुलिस बल में दिल्ली में तैनात हैं, जिन्होंने उन्हें निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग दिया।
राजधानी में आतंकी नेटवर्क का बड़ा खुलासा: लश्कर मास्टरमाइंड गिरफ्तार, जांच में हुए ये बड़े खुलासे
खुशबू रानी की सफलता उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच का परिणाम है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से प्राप्त की और उच्च शिक्षा काशी हिंदू विश्वविद्यालय तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। उन्होंने हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया और किसी भी बाधा से डरने के बजाय मेहनत जारी रखी।
यूपीपीएससी परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही खुशबू के चयन की जानकारी उनके परिवार को मिली और घर में खुशी का माहौल बन गया। पिता राम गोपाल गुप्ता भावुक हो उठे और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि यह सफलता उनकी बेटी की मेहनत, लगन और आत्मविश्वास का परिणाम है। उन्होंने सरकार की 'अभ्युदय योजना', प्रारंभिक शिक्षा और विश्वविद्यालय से प्राप्त शिक्षा को भी इस सफलता में अहम बताया।
गांव में भी खुशबू की इस उपलब्धि को लेकर उत्सव जैसा माहौल है। ग्रामीण उनकी सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
CMPDI IPO लिस्टिंग आज: जानिये GMP ट्रेंड्स और एक्सपर्ट्स का डेब्यू पर क्या कहना है?
खुशबू रानी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सदस्यों को दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि अन्य युवाओं और विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।