सोनभद्र में जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने स्कूल वाहनों और सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए। वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाने, साइनेज बोर्ड लगाने और दुर्घटना प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की नई तैयारियां
Sonbhadra: जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में स्कूल वाहनों और सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों के वाहनों में क्षमता से अधिक छात्रों को कभी भी नहीं बैठाया जाए। यदि किसी वाहन में निर्धारित संख्या से अधिक छात्र पाए जाते हैं, तो संबंधित वाहन और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिले की सड़क सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि जिले में चिन्हित 117 स्थानों पर सड़क सुरक्षा से संबंधित साइनेज बोर्ड लगाए जाएं। इन बोर्डों पर तेज रफ्तार से वाहन न चलाने, नशे की हालत में वाहन न चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करने सहित अन्य सुरक्षा नियमों का विवरण अंकित होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से गलत तरीके से बनाए गए स्पीड ब्रेकर हैं, उन्हें सुचारू ढंग से ठीक किया जाए ताकि वाहन चालकों को कोई असुविधा न हो और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
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जिलाधिकारी ने दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों के पास एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर पहुंचाना बेहद जरूरी है। ट्रॉमा सेंटर की जानकारी देने वाले साइनेज बोर्ड भी लगाए जाएं, ताकि दुर्घटना में घायल व्यक्ति और उसका परिवार आसानी से केंद्र तक पहुंच सके।
सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में सुधार के लिए जिलाधिकारी ने सलखन से डाला के बीच सड़क किनारे एक स्थान चिन्हित कर, पकड़े गए वाहनों के लिए डंपिंग ग्राउंड बनाने का निर्देश दिया। औड़ी रोड से शक्तिनगर मार्ग पर कट स्टोन लगाने हेतु प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। इसके अलावा अघोरी से चोपन सड़क मार्ग पर ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए।
दुर्घटना प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से स्कूलों में बच्चों के हित की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल वाहनों की नियमित जांच और फिटनेस सुनिश्चित की जाए। किसी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाते हुए पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर उपसा द्वारा एम्बुलेंस और क्रेन की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय रिफ्लेक्टर का उपयोग अनिवार्य किया गया। भारी वाहनों की चेकिंग और उनके ढांचे में बदलाव पर नजर रखने को कहा गया। चार-पहिया वाहन, ट्रक और हाईवा जैसी गाड़ियों की तेज रफ्तार पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। नशे की हालत में वाहन चलाने वालों का चालान किया जाएगा और उनके ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
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इस बैठक में चारू द्विवेदी (सी.ओ.), शैलेश ठाकुर (अधिशासी अभियन्ता पी.डब्ल्यू.डी.), जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, अधिशासी अभियन्ता निर्माण खण्ड ए.के. सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह और सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें और किसी भी स्थिति में बच्चों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता और सही दिशा में निगरानी सुनिश्चित करना भी जरूरी है। बैठक में उठाए गए सभी निर्देशों को शीघ्र क्रियान्वित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। सोनभद्र में इन कड़े निर्देशों के बाद अब सड़क सुरक्षा और स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की निगरानी और सख्ती बढ़ जाएगी।