
सीएचसी में दबंगों ने घुसकर जमकर की मारपीट (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Sonbhadra: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मधुपुर में दबंगों ने फिल्मी अंदाज में घुसकर जमकर तांडव मचाया। भटौलिया गांव में हुए एक जमीनी विवाद के बाद अस्पताल पहुंचे घायलों पर दूसरे पक्ष ने स्वास्थ्य केंद्र के भीतर ही दोबारा जानलेवा हमला बोल दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने उतरे अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ अखिलेश को दबंगों ने बेरहमी से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावरों ने आक्रोश में आकर अस्पताल के अत्यंत महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड रजिस्टर को भी फाड़ डाला। इस खूनी खेल के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और ओपीडी सेवा काफी देर के लिए पूरी तरह ठप हो गई।
घटना की शुरुआत रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के भटौलिया गांव से हुई। मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को खेत की मेड़ बांधने के लिए मिट्टी उठाने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते एक भयानक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों पक्षों की ओर से जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इस हिंसक मारपीट में दोनों पक्षों के कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए मधुपुर सीएचसी लाया गया, लेकिन दबंगों के सिर पर खून इस कदर सवार था कि वे अस्पताल तक पहुंच गए।
यह भी पढ़ें-Mainpuri: अपने ही घर में मिली जान से मारने की धमकी, अगले ही दिन कोर्ट जाते वक्त हुआ जानलेवा हमला!
घायलों के सीएचसी पहुंचने पर शुरुआत में पीआरबी पुलिस मौके पर आई थी। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों को समझाया और तीन गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस के जाने के कुछ ही देर बाद, एक पक्ष के कई लोग लाठियों से लैस होकर अचानक अस्पताल परिसर में घुस आए। उन्होंने वहां इलाज करा रहे दूसरे पक्ष के घायल राजेश (34) पर दोबारा हमला बोल दिया।
अस्पताल के भीतर खूनखराबा होते देख सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ अखिलेश और अन्य स्वास्थ्यकर्मी बिना अपनी जान की परवाह किए बीच-बचाव करने पहुंचे। लेकिन आपे से बाहर हो चुके हमलावरों ने डॉक्टर पर ही हमला कर दिया। इस मारपीट में डॉ अखिलेश को गंभीर चोटें आई हैं। दबंगों ने न सिर्फ डॉक्टरों को पीटा, बल्कि अस्पताल के सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए वहां रखे सरकारी रिकॉर्ड रजिस्टर को भी तितर-बितर कर फाड़ दिया।
अस्पताल के भीतर हालात बेकाबू होते देख एक सतर्क स्वास्थ्यकर्मी ने सूझबूझ दिखाई और सीएचसी का मुख्य गेट अंदर से बंद कर दिया, जिससे हमलावर भाग न सकें। इसके बाद तुरंत रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस को आपातकालीन सूचना दी गई। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घेराबंदी करके कई हमलावरों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बाकी बचे घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। इस पूरी वारदात के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवा घंटों ठप रही, जिससे मरीजों में डर का माहौल बन गया। बाद में पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई का भरोसा मिलने पर स्वास्थ्यकर्मी काम पर लौटे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने खुद भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त और फटे हुए सरकारी रजिस्टरों को अपने कब्जे में ले लिया है। साथ ही, अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जब्त कर हमलावरों की पहचान की जा रही है। इस घटना के बाद से स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर रासुका जैसी कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्थानीय जनता ने मौके पर मौजूद पीआरबी (PRB) पुलिस की ढीली कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
इस पूरे खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों से छह लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है-
प्रथम पक्ष: राजेश (34 वर्ष) पुत्र कन्हैया, और कन्हैया (65 वर्ष)।
द्वितीय पक्ष: कृष्णवती, विकास (26 वर्ष), सुनीता देवी (45 वर्ष), और आकाश (17 वर्ष)।
अस्पताल स्टाफ: प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश (बीच-बचाव के दौरान घायल)।
Location : Sonbhadra
Published : 17 July 2026, 4:14 PM IST