बिहार में फंसे 6 नेपाली किशोर-किशोरियों का रेस्क्यू, नेपाली दूतावास की मदद से सुरक्षित निकाला

सोनौली में बड़ी कार्रवाई, बिहार के अलग-अलग जिलों में फंसे छह नेपाली किशोर-किशोरियों को एनजीओ टीम ने नेपाली दूतावास और भारतीय प्रशासन की मदद से रेस्क्यू किया, बाल मजदूरी और मानव तस्करी की आशंका से जुड़ा मामला सामने आया

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 3 October 2026, 2:32 AM IST

Maharajganj: बिहार के अलग-अलग जिलों में कथित तौर पर बाल मजदूरी, मानव तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों में फंसे छह नेपाली किशोर-किशोरियों को एक एनजीओ की टीम ने नेपाली दूतावास और भारतीय प्रशासन के सहयोग से रेस्क्यू किया।

रेस्क्यू किए गए लोगों में तीन लड़के और तीन लड़कियां शामिल हैं। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सभी को सोनौली बॉर्डर के रास्ते नेपाल प्रशासन को सुपुर्द कर दिया गया।

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एनजीओ के अनुसार, रेस्क्यू किए गए किशोर-किशोरियों को बिहार के अलग-अलग जिलों में कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया था। इनमें एक नेपाली युवती को बिहार के चितवन क्षेत्र से रेस्क्यू किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि एक शादीशुदा व्यक्ति ने युवती को अपने जाल में फंसाकर उससे शादी कर ली और बाद में उसे आर्केस्ट्रा में डांस करने के लिए मजबूर करता था। मामले में NHRC और एनजीओ की टीम ने कार्रवाई करते हुए युवती को रेस्क्यू कराया।

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एनजीओ सदस्य नवीन जोशी ने बताया कि रेस्क्यू किए गए किशोरों में एक युवक नेपाल के सर्लाही जिले का निवासी बताया जा रहा है, जिसे करीब पांच साल बाद रेस्क्यू किया गया है। अब वह अपने परिवार से मिल सकेगा।

नवीन जोशी के मुताबिक, एनजीओ की टीम इससे पहले भी मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी जैसी परिस्थितियों में फंसे सैकड़ों नेपाली लड़के-लड़कियों को रेस्क्यू कर चुकी है। इस बार भी सभी रेस्क्यू किए गए लोगों की आवश्यक कानूनी और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें सोनौली सीमा के रास्ते नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया।

Location :  Maharajganj

Published :  3 October 2026, 1:25 AM IST