शिवा हत्याकांड: श्रद्धा दुबे केस में एक और एक्शन, इंस्पेक्टर और DCP के बाद ACP रजनीश वर्मा हटाए गए, नोएडा से है लिंक

श्रद्धा दुबे और दो अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी में देरी के बाद ACP रजनीश वर्मा को हटा दिया गया। इससे पहले इंस्पेक्टर और DCP पर कार्रवाई हुई थी। आरोपितों पर इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 19 October 2026, 3:40 PM IST
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Lucknow News: लखनऊ में कैफे संचालक शिवा शर्मा हत्याकांड की आरोपित श्रद्धा दुबे समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस महकमे में कार्रवाई तेज हो गई है। इंस्पेक्टर और डीसीपी के बाद सोमवार दोपहर एसीपी रजनीश वर्मा को भी हटा दिया गया। तीनों आरोपितों पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। आपको बता दें कि रजनीश वर्मा लखनऊ से पहले नोएडा में तैनात थे।

आठ दिन बाद भी गिरफ्त से बाहर आरोपी

कैफे संचालक शिवा शर्मा हत्याकांड में श्रद्धा दुबे, रश्मि और तनवीर उर्फ दानिश फरार हैं। बताया जा रहा है कि तीनों रविवार को नेपाल से सोनौली बॉर्डर के रास्ते भारत पहुंचे और फिर लखनऊ हाई कोर्ट आए। आरोप है कि इस दौरान पुलिस को उनकी मौजूदगी की भनक तक नहीं लगी। हालांकि, इस घटनाक्रम और आरोपितों की आवाजाही की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों से होना बाकी है। सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा दुबे लखनऊ हाई कोर्ट परिसर में कुछ समय के लिए रुकी थी। यहां एक अधिवक्ता ने उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। इसके बाद वह एक्सप्रेसवे के रास्ते आगरा पहुंची और फिर सहारनपुर चली गई। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पहले इंस्पेक्टर और डीसीपी पर गिरी गाज

आठ दिन बीतने के बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई की। सबसे पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। सोमवार दोपहर एसीपी रजनीश वर्मा को भी हटा दिया गया। लगातार तीन अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद मामले में पुलिस की भूमिका और आरोपितों की तलाश को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया

पुलिस ने रविवार को फरार आरोपितों पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी। इसके बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद भी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह आरोपितों की तलाश के लिए गठित टीम में शामिल हैं। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तीनों आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करना और उनकी आवाजाही से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना है। मामले में आगे की कार्रवाई और पुलिस जांच के नतीजों पर नजर बनी हुई है।

Location :  Lucknow

Published :  19 October 2026, 3:40 PM IST

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