हिंदी
ACP रजनीश वर्मा (Image: X)
कैफे संचालक शिवा शर्मा हत्याकांड में श्रद्धा दुबे, रश्मि और तनवीर उर्फ दानिश फरार हैं। बताया जा रहा है कि तीनों रविवार को नेपाल से सोनौली बॉर्डर के रास्ते भारत पहुंचे और फिर लखनऊ हाई कोर्ट आए। आरोप है कि इस दौरान पुलिस को उनकी मौजूदगी की भनक तक नहीं लगी। हालांकि, इस घटनाक्रम और आरोपितों की आवाजाही की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों से होना बाकी है। सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा दुबे लखनऊ हाई कोर्ट परिसर में कुछ समय के लिए रुकी थी। यहां एक अधिवक्ता ने उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। इसके बाद वह एक्सप्रेसवे के रास्ते आगरा पहुंची और फिर सहारनपुर चली गई। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आठ दिन बीतने के बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई की। सबसे पहले हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। सोमवार दोपहर एसीपी रजनीश वर्मा को भी हटा दिया गया। लगातार तीन अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद मामले में पुलिस की भूमिका और आरोपितों की तलाश को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस ने रविवार को फरार आरोपितों पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी। इसके बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद भी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह आरोपितों की तलाश के लिए गठित टीम में शामिल हैं। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तीनों आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करना और उनकी आवाजाही से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना है। मामले में आगे की कार्रवाई और पुलिस जांच के नतीजों पर नजर बनी हुई है।
Location : Lucknow
Published : 19 October 2026, 3:40 PM IST