अयोध्या मुद्दे पर गरमाई राजनीति, प्रमोद कृष्णम बोले- SIT नहीं अब CBI जांच जरूरी

राम मंदिर के मुद्दे से जुड़े विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। एक प्रमुख संत ने जांच पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच और धर्म संसद की बात कही है। बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, पूरा मामला चर्चा में है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 June 2026, 10:32 AM IST

Ayodhya: राम मंदिर के मुद्दे पर कांग्रेस छोड़ने वाले कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राम मंदिर में चढ़ावा और दान चोरी के मामले को गंभीर बताते हुए इसकी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल अयोध्या या उत्तर प्रदेश का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तीन अधिकारियों वाली विशेष जांच टीम (SIT) इस पूरे मामले की तह तक नहीं पहुंच सकती। इसलिए निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए CBI जांच जरूरी है।

'धर्म संसद बुलाएंगे, ट्रस्ट सदस्य छोड़ें पद'

मीडिया से बातचीत के दौरान आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि इस मुद्दे पर जल्द ही धर्म संसद बुलाई जाएगी। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के सभी सदस्यों से तत्काल अपने पद छोड़ने की मांग भी की। उनका कहना था कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती, तब तक ट्रस्ट के सदस्यों का पद पर बने रहना उचित नहीं है।

'यह चोरी नहीं, महापाप है'

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि चढ़ावे और दान में हुई कथित चोरी केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि महापाप है। उनके अनुसार इस घटना से पूरे देश की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट ने लोगों का विश्वास खो दिया है और इस मामले में जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उनके पीछे कौन लोग हैं, इसका पता लगाया जाना बेहद जरूरी है।

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'लंबे समय तक करोड़ों की चोरी कैसे होती रही?'

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि लंबे समय तक करोड़ों रुपये की चोरी होती रही तो इसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह जानना भी आवश्यक है कि आखिर वे कौन लोग हैं जो इतने प्रभावशाली थे कि मामला लंबे समय तक दबा रहा। उनके मुताबिक सनातन धर्म पर दाग लगाने वाले इस कथित घोटाले के सभी दोषियों को सामने लाया जाना चाहिए।

'आस्था और विश्वास को पहुंची चोट'

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि देश-दुनिया के सौ करोड़ से अधिक हिंदुओं की आस्था के केंद्र श्रीराम मंदिर में हुई इतनी बड़ी कथित चोरी ने श्रद्धालुओं के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के बाद तीर्थ स्थलों पर लोगों का पहुंचना और चढ़ावा देना भी कम हुआ है। उनका कहना था कि इस मामले में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास फिर से बहाल हो सके।

'चोरी पर बोलने का हक सभी को'

चढ़ावा चोरी के मामले पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर विश्व हिंदू परिषद और भाजपा की ओर से जताए गए एतराज पर भी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई बड़ी गड़बड़ी या चोरी हुई है तो उस पर बोलने का अधिकार सभी को है। चाहे वे लोग हों जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन का समर्थन किया या वे, जो उससे दूर रहे।

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प्रधानमंत्री पर जताया भरोसा

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा कायम हो सके।

Location :  Ayodhya

Published :  30 June 2026, 10:32 AM IST