Ram Mandir Donation Theft Case: 8 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल, वकीलों का कार्य बहिष्कार; कोर्ट परिसर में गहमागहमी

अधिवक्ताओं की मांग- पहले आपत्ति सुनी जाए, फिर दाखिल हो चार्जशीट; ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंककर्मियों की भूमिका पर भी नजर

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 September 2026, 12:35 PM IST

Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और कथित गबन के मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद बुधवार को जेल में निरुद्ध आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। इससे कोर्ट परिसर में गहमागहमी का माहौल बन गया।

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चार्जशीट दाखिल होने से पहले आपत्ति सुनने की मांग

अधिवक्ताओं का कहना है कि उन्होंने मामले में कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। उनका पक्ष है कि उनकी आपत्ति पर सुनवाई के बाद ही चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया।

अधिवक्ताओं की ओर से राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर पहले ही तहरीर दी जा चुकी है। इस मांग को लेकर वकील अदालत का रुख करने की बात भी कह चुके हैं।

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आठ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई

पुलिस की चार्जशीट में जेल में निरुद्ध टिन्नू यादव, करुणेश, मनीष, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, रमाशंकर, अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र समेत आठ आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया है। मामले में आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और सभी को गिरफ्तार किया गया था।

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ट्रस्ट और बैंककर्मियों की भूमिका पर नजर

अब चार्जशीट में मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और बैंककर्मियों की भूमिका को लेकर पुलिस ने क्या तथ्य दर्ज किए हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की है।

मामले की जांच और उससे जुड़े पहलुओं पर न्यायालय की निगरानी भी रही है। ऐसे में चार्जशीट में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

Location :  Ayodhya

Published :  23 September 2026, 12:35 PM IST