
राजा भैया को बड़ी राहत (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Deoria: प्रतापगढ़ के कुंडा में वर्ष 2013 में हुए चर्चित सीओ जियाउल हक हत्याकांड मामले में कुंडा विधायक और पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत ने दोबारा जांच के बाद सीबीआई की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। अदालत के आदेश के बाद राजा भैया समेत पांच नामजद लोगों के खिलाफ इस मामले में आगे की अदालती कार्रवाई नहीं होगी।
दरअसल, 2 मार्च 2013 को प्रतापगढ़ के कुंडा के बलीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। मौके पर पहुंचे तत्कालीन सीओ जियाउल हक की भीड़ ने घेरकर हत्या कर दी थी। मामले में कई एफआईआर दर्ज हुई थीं और बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
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सीओ जियाउल हक की पत्नी डॉ परवीन आजाद की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में तत्कालीन कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया समेत पांच लोगों को नामजद किया गया था। सीबीआई ने पहले 31 जुलाई 2013 को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। इसका विरोध होने के बाद अदालत के आदेश पर मामले में दोबारा विवेचना की गई।
दोबारा जांच के बाद सीबीआई ने दिसंबर 2023 में फिर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। रिपोर्ट में नामजद लोगों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही गई। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री का परीक्षण करने के बाद विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई प्रतिभा सिंह की अदालत ने 19 सितंबर 2026 को क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली।
हालांकि, यह राहत सीबीआई की इस विवेचना में राजा भैया समेत पांच नामजद आरोपियों से जुड़े पहलू तक सीमित है। इसी हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ चली सुनवाई में 9 अक्टूबर 2024 को दस आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद राजा भैया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।” वहीं, उनके समर्थकों ने फैसले पर खुशी जताई है।
देवरिया कनेक्शन-सीओ जियाउल हक मूल रूप से देवरिया जिले के खुखुंदू थाना क्षेत्र के जुआफर गांव के रहने वाले थे। वर्ष 2013 में उनकी हत्या के बाद उनके पैतृक गांव में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी परिवार से मिलने गांव पहुंचे थे। सरकार की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी देने की घोषणा की गई थी।
करीब 13 साल पुराने इस चर्चित मामले में सीबीआई की दोबारा जांच के बाद अदालत द्वारा क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार किए जाने से राजा भैया समेत पांच नामजद लोगों के खिलाफ इस मामले में आगे की अदालती कार्रवाई पर फिलहाल विराम लग गया है।
Location : Deoria
Published : 20 September 2026, 12:51 PM IST