रायबरेली के किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। तीन साल पहले 3 करोड़ की लागत से खोदी गई हिलगी माइनर नहर अब तक सूखी पड़ी है। किसानों ने कहा कि नहर में पानी नहीं पहुंचा, मुआवजा नहीं मिला और अधिकारियों ने उनकी शिकायतों की अनदेखी की।

पीड़ित किसान ने बताई परेशानी
Raebareli: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद में प्रशासन और नहर विभाग की कथित लापरवाही के कारण रायबरेली के किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। तीन साल पहले करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से खुदवाई गई हिलगी माइनर नहर आज तक सूखी पड़ी है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवददाता के अनुसार, किसानों का कहना है कि नहर में अब तक पानी नहीं पहुंचा, जिससे उनकी फसल और मेहनत दोनों खतरे में हैं।
करीब 4 किलोमीटर लंबी नहर बनने के बावजूद किसानों को कोई लाभ नहीं मिला है। किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी। किसानों का कहना है कि नहर खोदने के बाद भी उन्हें जमीन का मुआवजा नहीं मिला है और धान की फसल की सिंचाई के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया।
किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही पानी की आपूर्ति और मुआवजा नहीं मिला तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने प्रशासन और नहर विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा कि उनकी उपेक्षा से उनके मेहनत और निवेश दोनों खतरे में हैं।
गौरतलब है कि रायबरेली के किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। तीन साल पहले 3 करोड़ की लागत से खोदी गई हिलगी माइनर नहर अब तक सूखी पड़ी है। किसानों ने कहा कि नहर में पानी नहीं पहुंचा, मुआवजा नहीं मिला और अधिकारियों ने उनकी शिकायतों की अनदेखी की।
बिहार राजनीति से बड़ी खबर, नीतीश कुमार को फिर सौंपी गई जेडीयू की कमान; विरोधी कोई सामने नहीं…
स्थानीय अधिकारी अभी तक किसी ठोस कदम की जानकारी नहीं दे पाए हैं। ग्रामीण और किसान संगठन अब इस मामले को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। किसानों का कहना है कि नहर की देखरेख और समय पर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन और नहर विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन लगातार उपेक्षा से उनकी हालत बेहद कठिन हो गई है।