रायबरेली में यूजीसी एक्ट को लेकर विरोध तेज हो गया है। भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह और गौ रक्षा दल अध्यक्ष महेंद्र पांडेय ने सवर्ण सांसदों और विधायकों को चूड़ियां भेजकर उनके मौन पर सवाल खड़े किए हैं।

भाजपा ने सवर्ण सांसद विधायकों को भेजी चूड़ियां
Raebareli: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में यूजीसी एक्ट को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह और गौ रक्षा दल के अध्यक्ष महेंद्र पांडेय ने सवर्ण सांसदों और विधायकों के खिलाफ अनोखा और तीखा विरोध दर्ज कराया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, दोनों नेताओं ने जनहित के मुद्दे पर चुप्पी साधने वाले सवर्ण नेताओं को प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां भेजी हैं, जिससे जिले की राजनीति में हलचल मच गई है।
भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि यूजीसी एक्ट का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ेगा। इसके बावजूद जो सांसद और विधायक जनता की आवाज नहीं उठा रहे हैं, वे अपने दायित्व से मुंह मोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे लिए पार्टी बाद में है, परिवार पहले है। हमारे बच्चे परेशान हों और हम पार्टी ढोते रहें, यह अब स्वीकार नहीं है।”
रमेश बहादुर सिंह ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से भाजपा से जुड़े हुए हैं, लेकिन पहली बार उन्हें इस तरह सार्वजनिक विरोध करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता ने जिन नेताओं को वोट देकर विधानसभा और संसद में भेजा, वही नेता अब जनता के हित के मुद्दे पर चुप बैठे हैं। ऐसे नेताओं को चूड़ियां पहनकर घर के काम करने चाहिए और उनकी पत्नियों को आगे आकर राजनीति करनी चाहिए, ताकि कम से कम बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष हो सके।
इस विरोध के दौरान रमेश बहादुर सिंह अपने समर्थकों के साथ सड़कों पर उतरे। उन्होंने हाथों में कार्ड लेकर यूजीसी एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन किया और सरकार व जनप्रतिनिधियों से खुलकर विरोध दर्ज कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान “यूजीसी एक्ट वापस लो” और “जनता की आवाज दबाना बंद करो” जैसे नारे भी लगाए गए।
रमेश बहादुर सिंह ने अपने बयान में रानी लक्ष्मीबाई और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की आजादी और सम्मान के लिए इन महापुरुषों ने कुर्बानी दी। उन्होंने सवाल उठाया कि आज के सवर्ण सांसद, विधायक और मंत्री यूजीसी जैसे अहम मुद्दे पर बोलने से क्यों कतरा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केवल एक एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ही खुलकर यूजीसी एक्ट का विरोध कर रहे हैं।
भाजपा किसान नेता ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी एक्ट के खिलाफ आवाज नहीं उठाई गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से इंटरमीडिएट के बाद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद रायबरेली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। जहां एक ओर भाजपा के अंदरखाने नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। आने वाले दिनों में यूजीसी एक्ट को लेकर यह विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।