महराजगंज में ECCE नियुक्ति पर सवाल, अभ्यर्थी बोली- मेरे नाम से किसने भेजा फर्जी प्रार्थना पत्र?

महराजगंज में ECCE एजुकेटर नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एक अभ्यर्थी ने DMK INDIA CONSULTANT & SERVICES PVT LTD पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभ्यर्थी का दावा है कि उनके नाम से नियुक्ति रद्द करने वाला कथित फर्जी पत्र भेजा गया और बाद में फोन पर धमकी दी गई। अब उन्होंने जिलाधिकारी से जिला स्तरीय जांच की मांग की...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 24 September 2026, 8:31 PM IST

Maharajganj News: ECCE एजुकेटर की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर महराजगंज में विवाद बढ़ता जा रहा है। मिठौरा ब्लॉक के कंपोजिट स्कूल बसंतपुर खुर्द में आवंटन पाने वाली अभ्यर्थी प्रज्ञा पटेल ने DMK INDIA CONSULTANT & SERVICES PVT LTD कंपनी पर नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उनके नाम से नियुक्ति रद्द करने वाला एक कथित फर्जी प्रार्थना पत्र बीएसए कार्यालय भेजा गया। इसके बाद कंपनी से जुड़े बताए जा रहे एक व्यक्ति पर फोन कर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। अभ्यर्थी ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जिला स्तरीय कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग की है।

24 अगस्त को हुआ था स्कूल का आवंटन

शिकायत के मुताबिक, प्रज्ञा पटेल ECCE एजुकेटर पद की अभ्यर्थी हैं। 24 अगस्त 2026 को विकास भवन महराजगंज में हुई आवंटन प्रक्रिया में उन्हें मिठौरा ब्लॉक के कंपोजिट स्कूल बसंतपुर खुर्द का आवंटन मिला था। इसके बाद 28 अगस्त को उन्हें नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित ईमेल भी मिला। अभ्यर्थी का आरोप है कि 9 सितंबर को वह सभी जरूरी दस्तावेज लेकर DMK कंपनी के चौरी जंगल, जंगल बड़हरा, पनियरा स्थित कार्यालय पहुंचीं, लेकिन उनकी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। वहीं, उनके साथ पहुंची एक अन्य अभ्यर्थी की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

21 सितंबर को दोबारा पहुंचीं तो मिला दूसरे चरण का हवाला

प्रज्ञा पटेल के अनुसार, जब उन्हें नियुक्ति को लेकर कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिली तो वह 21 सितंबर को दोबारा कंपनी कार्यालय पहुंचीं। आरोप है कि इस बार भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और उन्हें द्वितीय चरण में नियुक्ति होने की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने कंपनी को ईमेल करने के साथ बीएसए कार्यालय में भी लिखित शिकायत दी।

अपने नाम से भेजे पत्र को बताया फर्जी

22 सितंबर को प्रज्ञा पटेल ने बीएसए कार्यालय से नियुक्ति को लेकर जानकारी ली। उनके अनुसार, वहां बताया गया कि 11 सितंबर को उनके नाम से डाक के जरिए एक प्रार्थना पत्र आया था, जिसमें नियुक्ति रद्द करने की बात कही गई थी। प्रज्ञा पटेल ने ऐसा कोई पत्र भेजने से इनकार करते हुए इसे कथित फर्जी पत्र बताया है। उन्होंने अपने नाम और हस्ताक्षर के इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की है।

फोन पर धमकी देने का भी आरोप

शिकायत में कंपनी से जुड़े बताए गए दिनेश कुमार मौर्य पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रज्ञा पटेल के मुताबिक, 22 सितंबर को उन्हें फोन कर एफआईआर और जेल भेजने की धमकी दी गई तथा नियुक्ति नहीं होने देने की बात कही गई। उन्होंने इस कॉल की जांच के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड सत्यापित कराने की मांग की है।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

अभ्यर्थी ने जिलाधिकारी से जिला स्तरीय कमेटी गठित कर मामले की जांच कराने, जांच पूरी होने तक दूसरे चरण की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। कथित फर्जी पत्र किसने भेजा और फोन कॉल के पीछे कौन था, इसका जवाब भी जांच के बाद सामने आएगा।

Location :  Maharajganj

Published :  24 September 2026, 7:43 PM IST