
कपसाड़ कांड
Meerut : कपसाड़ कांड में अब नया मोड़ आ गया है। आरोपी पक्ष ने किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के उस आदेश के खिलाफ क्रिमिनल रिवीजन दाखिल करने की तैयारी कर ली है। जिसमें आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए थे। आरोपी के अधिवक्ता बलराम सोम शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका दाखिल करेंगे।
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी की सुबह खेत में काम कर रही एक युवती को कथित तौर पर अगवा कर लिया गया था। विरोध करने पर युवती की मां सुनीता पर हमला किया गया। जिनकी बाद में मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए 10 टीमों का गठन किया। 48 घंटे के भीतर आरोपी की लोकेशन सहारनपुर में ट्रेस हुई। जहां घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। युवती को सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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आरोपी पक्ष के अधिवक्ताओं ने दावा किया कि आरोपी नाबालिग है और मामला किशोर न्याय बोर्ड में चलना चाहिए। इसके लिए हाईस्कूल और कक्षा पांच के दस्तावेज भी कोर्ट में पेश किए गए। जिनमें जन्मतिथि समान बताई गई।
कक्षा 1 से 4 तक के दस्तावेज उपलब्ध न होने के कारण JJB ने मेडिकल बोर्ड से उम्र की जांच कराने का आदेश दिया था। इसी आदेश को अब आरोपी पक्ष क्रिमिनल रिवीजन के जरिए चुनौती देने जा रहा है।
अधिवक्ता बलराम सोम ने कहा कि कक्षा 5 और 10 दोनों के रिकॉर्ड में जन्मतिथि समान है, इसलिए मेडिकल जांच की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि RTE नियमों के तहत कुछ दस्तावेजों का कानूनी महत्व नहीं होता।
Location : Meerut
Published : 14 May 2026, 9:54 PM IST