
रिक्त पदों पर भर्ती का मुद्दा गरमाया
Prayagraj: अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में TGT-PGT के लगभग 20,000 रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर तत्काल विज्ञापन जारी करने, स्नातक में 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता, TET/CTET तथा सामान्य अध्ययन (GK/GS) से संबंधित नए प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग को लेकर युवा मंच का आंदोलन और आमरण अनशन भी जारी है।
अनशनकारियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। चारों आमरण अनशनकारियों ने सुबह बेली हास्पिटल से सीधे धरना स्थल पर पहुंच कर भर्ती में पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न की मांग को लेकर मजबूती से संघर्ष करने की बात कही।
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी तत्काल विज्ञापन जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि 16 सितंबर 2025 के बाद नियमों में किए गए बदलावों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने पात्रता एवं परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। संगठन की मांग है कि अभ्यर्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अभ्यर्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के आश्वासन के बावजूद अभी तक मांगों पर कोई स्पष्ट एवं ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में अभ्यर्थियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
अनिल सिंह ने बताया कि 17 सितंबर 2026 को पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस, धरना स्थल, प्रयागराज में महाआंदोलन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से अभ्यर्थियों के पहुंचने का आह्वान किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवा मंच की प्रमुख मांगें हैं—
- TGT-PGT के लगभग 20,000 रिक्त पदों पर तत्काल विज्ञापन जारी किया जाए।
- भर्ती पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर कराई जाए।
- अभ्यर्थियों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए TET/CTET, GK/GS एवं स्नातक में 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए।
- सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान किया जाए।
- अभ्यर्थियों से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने से पहले उनके पक्ष को गंभीरता से सुना जाए।
युवा मंच ने कहा कि यदि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन के अगले चरण में माध्यमिक शिक्षा मंत्री, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा, शिक्षा निदेशक तथा अपर शिक्षा निदेशक/संबंधित अधिकारियों की भूमिका एवं जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा।
युवा मंच ने प्रयागराज में नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे कथित अवैध कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरियों के संबंध में भी प्रशासन से गंभीरता से कार्रवाई की मांग की है।
युवा मंच का कहना है कि संबंधित विभाग एवं प्रयागराज प्रशासन ऐसे संस्थानों की नियमों के अनुरूप जांच कराए तथा यदि संचालन में अनियमितता अथवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।
अनिल सिंह ने कहा कि यदि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो 17 सितंबर के महाआंदोलन में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर युवा मंच की रणनीति एवं संगठन का राजनीतिक रुख सार्वजनिक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों और युवाओं की समस्याओं की अनदेखी को लेकर संगठन प्रदेशभर में अपना अभियान जारी रखेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात जनता एवं जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाएगा।
इस अवसर पर युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, एल. के. चौधरी, अखिलेश वर्मा, बृजेश सिंह, के. डी. वर्मा, राजेन्द्र वर्मा, दीपा सिंह, रिंकी चौहान, सुमन यादव, आरती सिंह, तोषी वर्मा सहित सैकड़ों अभ्यर्थी एवं समर्थक उपस्थित रहे।
Location : Prayagraj
Published : 17 September 2026, 1:25 AM IST