गंगा-यमुना बढ़ीं तो डूबने लगा प्रयागराज! पांच फीट पानी में फंसी जिंदगी, घर-दफ्तर से लेकर बाजार तक बेहाल

प्रयागराज में लगातार बारिश और गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई इलाकों में नाले-नालियों का पानी सड़कों और घरों में घुस गया है। निरंजन डॉट पुल, सीएमपी डिग्री कॉलेज डॉट पुल, जाफरी कॉलोनी, जॉर्जटाउन, आनंदपुरम और करेली समेत कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। कहीं घुटनों तक तो कहीं कमर के ऊपर तक पानी भरा है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 19 August 2026, 2:44 PM IST

Prayagraj: संगम नगरी में इन दिनों बारिश ने ऐसा कहर बरपाया है कि शहर का आम जनजीवन पानी में डूबता नजर आ रहा है। जिस प्रयागराज में हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक गंगा-यमुना के संगम का नजारा देखने पहुंचते हैं, उसी शहर के कई इलाकों में लोग अपने घरों के भीतर घुसे पानी से जूझ रहे हैं। हालात सिर्फ कुछ मोहल्लों तक सीमित नहीं हैं। स्कूल, अस्पताल, दफ्तर, थाने, कोर्ट-कचहरी और बाजार तक जलभराव की चपेट में हैं। कई इलाकों में सड़कें और गलियां तालाब में तब्दील हो गई हैं। कहीं घुटनों तक पानी है तो कहीं कमर के ऊपर तक जलभराव ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है।

नाले-नालियों का पानी घरों में घुसा

प्रयागराज में बारिश के बाद जलभराव की तस्वीरों ने शहर की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि बारिश का पानी निकालने वाली व्यवस्था कई जगह पूरी तरह फेल नजर आ रही है। स्थिति यह है कि घर के आंगन में भरा पानी लोग सड़क पर भी नहीं निकाल पा रहे हैं, क्योंकि बाहर पहले से ही सड़क और गलियों में पानी जमा है। ऐसे में घरों के भीतर पानी लगातार बढ़ता रहता है।

कई परिवारों के लिए यह रात किसी डरावने सपने से कम नहीं रही। पानी के साथ सांप, बिच्छू और दूसरे जीव घरों में पहुंच रहे हैं। करंट फैलने के खतरे को देखते हुए कई जगह बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी है। बच्चों में डर का माहौल है और परिवारों को रातभर जागकर रहना पड़ रहा है।

निरंजन और सीएमपी डॉट पुल के आसपास हालात खराब

निरंजन डॉट पुल, सीएमपी डिग्री कॉलेज डॉट पुल, जाफरी कॉलोनी और जॉर्जटाउन में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इन इलाकों में कई जगह कमर के ऊपर तक पानी पहुंच गया। जॉर्जटाउन में संगम टंकी, सीएमपी डिग्री कॉलेज से जॉर्जटाउन थाने तक, समाजवादी पार्टी कार्यालय के आसपास और दूसरे प्रमुख रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा।

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आनंदपुरम में 100 से ज्यादा घर पानी में

आनंदपुरम में स्थिति और ज्यादा खराब बताई जा रही है। यहां 100 से अधिक घरों में घुटनों तक पानी भरा है। कई परिवारों का घरेलू सामान पानी में तैरता नजर आ रहा है। स्थानीय निवासी राजेंद्र पाठक का कहना है कि वह किराये के मकान में रहते हैं। गांव से लाया गया अनाज पानी में खराब हो गया। बच्चों की कॉपी-किताबें भी भीग गई हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि परिवार को रहने के लिए रिश्तेदारों के यहां ठिकाना तलाशना पड़ रहा है।

करेली में घरों के अंदर कमर तक पानी

करेली की जेके आशियाना कॉलोनी, गड्ढा कॉलोनी और आसपास के इलाकों में भी जलभराव ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई घरों में कमर तक पानी पहुंच गया है। लोग छतों पर पन्नी लगाकर रात गुजारने को मजबूर हैं। घर के भीतर पानी होने की वजह से खाना बनाने तक की जगह नहीं बची है। स्थानीय निवासी नसरीन बेगम के मुताबिक, कई घरों में चार-पांच दिन से खाना तक नहीं बन पाया है। बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं और परिवार के सदस्य दिन-रात घर से पानी निकालने में लगे हैं।

गंगा-यमुना बढ़ीं तो डूबने लगा प्रयागराज! (IMG: Dynamite News)

बारिश रुकती है तो राहत

करेली की गुड्डी बताती हैं कि जब बारिश थोड़ी देर रुकती है और पानी कम होता है तो महिलाएं मिलकर घरों से पानी बाहर निकालती हैं। लेकिन बारिश दोबारा शुरू होते ही मेहनत पर पानी फिर जाता है और घर में फिर जलभराव हो जाता है। यानी लोगों के लिए यह सिर्फ एक बार का जलभराव नहीं है। पानी निकालने की कोशिश और फिर बारिश के साथ दोबारा पानी भरने का सिलसिला लगातार चल रहा है।

गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता

शहर में जलभराव की समस्या के बीच गंगा और यमुना का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इससे संगम नगरी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गई है। मंगलवार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे के बीच नैनी में यमुना का जलस्तर 79.09 मीटर से बढ़कर 79.35 मीटर पहुंच गया। इसी दौरान फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.95 मीटर से बढ़कर 80.11 मीटर और छतनाग में 78.74 मीटर से बढ़कर 78.92 मीटर दर्ज किया गया।

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स्कूल बंद, अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल

जलभराव का असर शहर की सामान्य व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई इलाकों में स्कूल बंद हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों को भी चिंता है कि गंदे पानी और जलभराव के बीच बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। अस्पतालों तक पहुंचना भी कई जगह मुश्किल हो गया है। मरीजों और उनके परिजनों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। बाजारों में भी कारोबार प्रभावित हुआ है। कुछ दुकानें खुल रही हैं तो कुछ जलभराव के कारण बंद हैं।

बच्चों की पढ़ाई पर भी असर

जलभराव से सबसे ज्यादा नुकसान उन परिवारों को हुआ है, जिनके घरों में पानी घुस गया। कई परिवारों का राशन खराब हो गया। बिस्तर, कपड़े, किताबें, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पानी में डूब गए। बच्चों की कॉपी-किताबें भीगने से पढ़ाई पर असर पड़ा है। परिवारों को अब एक तरफ घर से पानी निकालने की चिंता है तो दूसरी तरफ खराब हो चुके सामान को लेकर परेशानी।

विकास के दावों के बीच जलभराव

प्रयागराज देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन शहरों में शामिल है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। कुंभ और महाकुंभ जैसे आयोजनों के कारण शहर की बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े स्तर पर काम भी हुआ है। लेकिन बारिश के बाद शहर की जो तस्वीर सामने आई है, उसने जल निकासी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों-अरबों रुपये के विकास कार्यों के बावजूद अगर दो दिन की बारिश में घर, सड़क, स्कूल, अस्पताल और सरकारी संस्थान पानी में डूब जाते हैं तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर शहर की ड्रेनेज व्यवस्था कितनी तैयार है।

Location :  Prayagraj

Published :  19 August 2026, 2:40 PM IST