तानाशाही पर उतारू इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन, मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पांच छात्रों को किया निलंबित

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों के आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। मांगों को लेकर अनशन कर रहे पांच छात्रों को प्रशासन ने निलंबित कर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। छात्रों का आरोप है कि उनकी बात सुनने के बजाय कार्रवाई की जा रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 1 August 2026, 6:18 PM IST

Prayagraj: प्रयागराज स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों के आंदोलन के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन का नेतृत्व कर रहे पांच छात्रों को निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद परिसर में छात्र राजनीति और प्रशासन के रवैये को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

सीटें कम होने से शुरू हुआ विरोध

जानकारी के अनुसार, छात्रों का आरोप है कि इस शैक्षणिक सत्र में विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या में बड़ी कटौती की गई है। पहले जहां करीब 10 हजार छात्रों को प्रवेश मिलता था, वहीं इस बार यह संख्या घटकर लगभग 4 हजार रह गई है। इसी मुद्दे समेत अन्य समस्याओं को लेकर छात्र पिछले करीब एक महीने से क्रमिक अनशन कर रहे हैं।

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इन छात्रों को मिला निलंबन नोटिस

विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिन छात्रों को नोटिस जारी किया है, उनमें बीए और एमए के पांच छात्र शामिल हैं। ये सभी आंदोलन की अगुवाई कर रहे थे। प्रशासन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निलंबित कर दिया है। हालांकि, नोटिस मिलने के बाद भी छात्रों ने अपना धरना और अनशन जारी रखा है।

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छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र आयुष यादव का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं पर बातचीत करनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि संवाद की जगह कार्रवाई का रास्ता अपनाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें छात्रों के हित से जुड़ी हैं और जब तक समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर आगे की प्रक्रिया जारी है।

Location :  Prayagraj

Published :  1 August 2026, 6:18 PM IST