रसोई पर महंगाई की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’; चीनी, टमाटर और प्याज ने निकाले आम आदमी के आंसू

प्रतापगढ़ में चीनी, टमाटर और प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं। वैश्विक तनाव और एथेनॉल के लिए गन्ने के डायवर्जन ने आम आदमी की थाली से स्वाद छीन लिया है। सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 August 2026, 4:14 PM IST

Pratapgarh: प्रतापगढ़ जिले में इन दिनों महंगाई अपने चरम पर पहुंच चुकी है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं का असर अब स्थानीय बाजारों पर साफ दिखने लगा है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और घरेलू स्तर पर एथेनॉल मिश्रण की सरकारी नीतियों ने आम नागरिकों की कमर तोड़ दी है। रसोई गैस की किल्लत से जूझ रही जनता पर अब चीनी, टमाटर और प्याज के दामों में बेतहाशा वृद्धि ने दोहरी मार दी है।

रसोई के बुनियादी सामान हुए महंगे

स्थानीय थोक और खुदरा बाजारों में पिछले कुछ हफ्तों के भीतर खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छूने लगे हैं-

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चीनी: जो चीनी कुछ समय पहले तक 45 से 52 रुपए प्रति किलो बिक रही थी, वह अब बढ़कर 65 से 70 रुपए प्रति किलो के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।

टमाटर: सामान्य दिनों में 30 से 40 रुपए प्रति किलो मिलने वाला टमाटर अब बाजार में 60 से 80 रुपए प्रति किलो के भाव बिक रहा है।

प्याज: प्याज के दाम में भी 40 से 50 प्रतिशत तक की तेज उछाल दर्ज की गई है, जिससे अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज 60 से 80 रुपए प्रति किलो मिल रहा है।

महंगाई की मार (सोर्स- Pinterest)

एथेनॉल उत्पादन और आपूर्ति संकट बना मुख्य वजह

विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार, इस महंगाई के पीछे केंद्र सरकार की एथेनॉल संवर्धन नीति एक बड़ा कारण है। सरकार द्वारा गन्ने और खाद्यान्न का एक बड़ा हिस्सा एथेनॉल फ्यूल के निर्माण में उपयोग किए जाने के कारण चीनी मिलों तक पर्याप्त कच्चा माल नहीं पहुंच पा रहा है। मिलों में उत्पादन घटने से चीनी की आपूर्ति सीमित हो गई है, जिसका सीधा असर खुदरा बाजार में कीमतों के उछाल के रूप में सामने आ रहा है।

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जनता में रोष और राजनीतिक हलचल

बढ़ती महंगाई को लेकर प्रतापगढ़ के नागरिकों और विभिन्न वर्गों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय निवासी राजेश पाण्डेय का कहना है कि इन दाम वृद्धियों से आम आदमी की थाली का बजट पूरी तरह चरमरा गया है। वहीं, अधिवक्ता राहुल उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि सरकार की नीतियां हर वर्ग को प्रभावित कर रही हैं। ठेकेदार हरीशंकर सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही आवश्यक वस्तुओं के दामों पर नियंत्रण नहीं पाया, तो आम जनता आगामी चुनावों में इसका कड़ा जवाब देगी।

Location :  Pratapgarh

Published :  20 August 2026, 4:14 PM IST