देवरिया के रुद्रपुर में डीजल जब्ती और फर्जी मुकदमों के आरोप को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण उर्फ खोखा सिंह समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। किसानों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए प्रशासन को खुली चेतावनी दी गई है।

देवरिया में सियासी बवाल
Deoria: देवरिया के रुद्रपुर में अचानक माहौल तब गरमा गया जब प्रशासन की कार्रवाई ने सियासी रंग ले लिया। डीजल जब्ती और मुकदमे दर्ज होने के बाद मामला इतना बढ़ा कि समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण उर्फ खोखा सिंह खुद सड़क पर उतर आए। आरोप है कि प्रशासन ने किसानों को निशाना बनाते हुए फर्जी मुकदमे दर्ज किए, जिससे इलाके में तनाव और गुस्सा दोनों बढ़ गया।
प्रशासन के खिलाफ धरना, सड़क पर गूंजे नारे
रुद्रपुर कोतवाली गेट के बाहर पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोला गया। खोखा सिंह ने साफ कहा कि राजनीतिक द्वेष के चलते पार्टी कार्यकर्ताओं और किसानों को परेशान किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना स्थल पर भारी संख्या में समर्थक मौजूद रहे, जिससे माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंग गया।
डीजल जब्ती बना विवाद की बड़ी वजह
दरअसल, 27 मार्च 2026 को तहसील प्रशासन ने एक किसान के यहां छापा मारकर करीब 3600 लीटर डीजल बरामद किया था। प्रशासन ने इसे अवैध मानते हुए जब्त कर लिया और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया। यही कार्रवाई अब विवाद की जड़ बन गई है। पूर्व विधायक का आरोप है कि किसानों के घरों में उपयोग के लिए रखा गया डीजल भी जबरन सील किया गया, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
‘मुकदमे वापस नहीं हुए तो बड़ा आंदोलन’
खोखा सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए और किसानों का डीजल वापस नहीं किया, तो यह आंदोलन और बड़ा होगा। उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी। इस दौरान सिकंदर यादव, दीनानाथ यादव और हरेंद्र सिंह त्यागी समेत कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।