
फर्जी डिग्री रैकेट कानपुर (Source: Dynamite News)
Kanpur: 'ऑपरेशन सुदर्शन' के तहत किदवई नगर पुलिस और एसआईटी (SIT) की टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने देश के कई राज्यों में फैले फर्जी मार्कशीट, डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह के मुख्य सरगना डॉ. मनीष कुमार और उसके साथी अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया है।
यह गिरोह बिना परीक्षा दिलाए हाईस्कूल से लेकर स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG), एलएलबी और बी.फार्मा जैसी प्रोफेशनल डिग्रियां तैयार कर लोगों से मोटी रकम वसूलता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड डॉ. मनीष कुमार बेहद शातिर है। वह अपनी साख बनाने के लिए मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में चार 'ग्लोबल बुक एक्सीलेंस अवार्ड' (Global Book Excellence Awards) भी आयोजित करवा चुका है, जिसमें उसने कई बड़ी हस्तियों को सम्मानित भी किया था। इसी रसूख की आड़ में वह अपना अवैध धंधा चला रहा था।
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इस बड़े फर्जीवाड़ा नेटवर्क का खुलासा 8 फरवरी 2026 को हुआ था। पुलिस और एसआईटी ने जूही गौशाला चौराहे के पास संचालित “शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन” के कार्यालय पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी।छापेमारी के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में अवैध दस्तावेज और उपकरण बरामद किए गए थे, जिनमें विभिन्न प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों और शिक्षा बोर्डों की सैकड़ों फर्जी मार्कशीट, नकली डिग्रियां, माइग्रेशन बुकलेट और प्रोविजनल सर्टिफिकेट शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने कई विभागों और अधिकारियों की नकली मोहरें (स्टैम्प) और रसीद बुक भी जब्त की थीं।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद किदवई नगर थाने में गिरोह के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद से ही पुलिस और एसआईटी की टीमें इन शातिर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही थीं।
Location : Kanpur
Published : 18 May 2026, 6:31 PM IST