
राम मंदिर (Image: Social Media)
Ayodhya News: राम मंदिर चढ़ावे के कथित विवाद को लेकर अयोध्या में मंगलवार को संत समाज की बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब बैठक स्थल पर पुलिस और इंटेलिजेंस के जवान पहुंच गए। संतों ने आरोप लगाया कि उन्हें मंदिर चढ़ावे से जुड़े मुद्दे पर खुलकर चर्चा करने से रोका जा रहा है। पुलिस की मौजूदगी और मीडिया कर्मियों को बाहर किए जाने को लेकर संतों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
कंप्यूटर बाबा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कई संतों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान जैसे ही पुलिस और एलआईयू के जवान मौके पर पहुंचे, संतों में नाराजगी बढ़ गई। संतों का आरोप है कि राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद पर आवाज उठाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उन्हें बोलने से रोका जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में किसी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, संतों के लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
बैठक में संत समाज ने राम मंदिर चढ़ावे के कथित घोटाले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। संतों ने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया में छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई हुई, लेकिन बड़े नामों पर कोई कदम नहीं उठाया गया। संतों ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक के बाद कंप्यूटर बाबा ने कहा कि संत समाज इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो एक लाख संतों के साथ अयोध्या पहुंचकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत समाज मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपेगा। इसके साथ ही संतों ने रामलला के दर्शन कर कथित विवाद को लेकर भगवान श्रीराम से क्षमा मांगने की बात कही। संतों का कहना है कि राम मंदिर आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े किसी भी विवाद की निष्पक्ष जांच जरूरी है। अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
Location : Ayodhya
Published : 25 August 2026, 1:16 PM IST
Topics : Ayodhya Saints Protest ayodhya news Computer Baba Ram Mandir Controversy Ram Mandir Donation