
जिलाधिकारी ने ली अफसरों के साथ बैठक (सोर्स: डाइनामाइट न्यूज़)
Gorakhpur: गोरखपुर में अब लापरवाही करने वाले अफसरों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। किसानों के पंजीकरण जैसे अहम काम में ढिलाई पर प्रशासन का गुस्सा साफ नजर आ रहा है। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई एक अहम बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने साफ शब्दों में चेतावनी दे दी कि अगर किसी किसान का नाम छूट गया, तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।
हर किसान का पंजीकरण जरूरी, नहीं चलेगी कोई बहाना
बैठक के दौरान डीएम ने विभागवार प्रगति की गहराई से समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीकरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्टर सिर्फ कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसानों तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने का मजबूत जरिया है। ऐसे में किसी भी किसान का छूट जाना पूरे सिस्टम की नाकामी माना जाएगा। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
गांव स्तर पर सत्यापन और पारदर्शिता पर जोर
डीएम ने खास तौर पर राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि गांव स्तर पर लेखपाल पूरी जिम्मेदारी के साथ किसानों का सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि नाम, जमीन और अन्य जरूरी जानकारियों में किसी भी तरह की गलती भविष्य में बड़ी परेशानी बन सकती है, इसलिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत, चाहे नेटवर्क हो या पोर्टल, उसे तुरंत ठीक किया जाए।
गांव-गांव कैंप और जागरूकता अभियान शुरू
दूर-दराज के किसानों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गांव-गांव कैंप लगाने का फैसला लिया है, जहां मौके पर ही पंजीकरण किया जाएगा। डीएम ने ग्राम प्रधानों, सचिवों और जनप्रतिनिधियों को भी जिम्मेदारी सौंपी कि वे लोगों को जागरूक करें और उन्हें समझाएं कि यह रजिस्ट्रेशन उनके लिए कितना जरूरी है। बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली गई और स्पष्ट कर दिया गया कि अगली समीक्षा में ढिलाई मिली तो कार्रवाई तय है।
Location : Gorakhpur
Published : 8 April 2026, 10:27 PM IST