मुजफ्फरनगर: गौसेवकों का नगर पालिका परिषद के खिलाफ प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर में गौसेवकों ने नगर पालिका परिषद के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मृत पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए स्थायी जमीन की मांग की। उनका आरोप है कि वर्षों से मांगों की अनदेखी हो रही है। गौसेवकों ने नंगे पांव आंदोलन की चेतावनी दी और आवारा कुत्तों व बंदरों की समस्या पर भी समाधान की मांग उठाई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 15 April 2026, 5:03 PM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मृत पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए स्थायी जमीन की व्यवस्था न होने को लेकर गौसेवकों ने नगर पालिका परिषद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। वर्षों से गौसेवा में लगे कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर गंभीर अनदेखी का आरोप लगाते हुए धरना दिया और नंगे पांव आंदोलन की चेतावनी दी।

गौसेवकों का कहना है कि शहर में मृत गौमाता और अन्य पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में इधर-उधर अंतिम संस्कार करना पड़ता है। इससे धार्मिक भावनाओं और गौमाता के सम्मान को ठेस पहुंचती है।

वर्षों से अनदेखी का आरोप

प्रदर्शन कर रहे गौसेवकों ने मांग की है कि नगर पालिका परिषद उन्हें कम से कम पांच बीघा जमीन उपलब्ध कराए, जहां चारदीवारी के साथ एक कमरा भी बनाया जाए। उनका कहना है कि इस स्थान पर अंतिम संस्कार की सामग्री सुरक्षित रखी जा सकेगी और कार्य व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

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गौसेवक नीशू ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से लगातार इस मांग को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका परिषद उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है।

नंगे पांव आंदोलन की चेतावनी

गौसेवकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे नंगे पांव रहकर शहर में विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रशासन कोई समाधान नहीं निकालता। गौसेवक नीशू ने कहा, हम वर्षों से गौमाता की सेवा कर रहे हैं, लेकिन अंतिम संस्कार के लिए जगह न होना बेहद दुखद है। उन्होंने नगर पालिका से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

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आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या पर भी उठी आवाज

प्रदर्शन के दौरान गौसेवकों ने शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि बीमार और लाचार कुत्तों के इलाज के लिए एक विशेष सेंटर बनाया जाए और उनकी नसबंदी की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी संख्या नियंत्रित हो सके।

साथ ही, उन्होंने बंदरों को शहर से हटाकर वन क्षेत्र में सुरक्षित स्थानांतरित करने की मांग भी की। उनका कहना है कि इससे आम जनता को राहत मिलेगी और जानवरों को भी प्राकृतिक वातावरण मिल सकेगा। गौसेवकों ने स्पष्ट कहा कि उनकी लड़ाई केवल पशु सेवा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए है, और प्रशासन को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  15 April 2026, 5:03 PM IST