
विनीत त्यागी बोले- आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए(Img: Dynamite News)
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में किसानों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया है। मंसूरपुर क्षेत्र में नावला के पास किसान सेवक एवं किसान हितैषी विनीत कुमार त्यागी के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों की प्रमुख मांग है कि गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति कुंतल घोषित किया जाए और चीनी मिलों को जल्द चालू कराया जाए। इसके अलावा बिजली विभाग की कार्रवाई रोकने और बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि ठोस समाधान मिलने तक धरना जारी रहेगा।
धरने को संबोधित करते हुए विनीत कुमार त्यागी ने कहा कि किसानों की 22 सूत्रीय मांगों को लेकर पहले भी प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था। उस समय मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन उनके मुताबिक अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। विनीत त्यागी ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने के बजाय प्रशासन आंदोलन को रोकने पर अधिक ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि किसान केवल आश्वासन नहीं चाहते, बल्कि अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
किसानों ने गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि गन्ने की खेती में लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए किसानों को उचित मूल्य मिलना चाहिए। किसानों ने मांग की कि गन्ने का भाव तय करते समय उत्पादन लागत और चीनी मिलों को गन्ने से मिलने वाले अन्य उत्पादों की आय को भी ध्यान में रखा जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चीनी के साथ शीरा, एथेनॉल, खोई और बिजली जैसे सह-उत्पादों से भी मिलों को आय होती है। ऐसे में गन्ने की कीमत निर्धारित करते समय इन सभी पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए।
मुजफ्फरनगर में किसानों का धरना (Img: Dynamite News)
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धरने के दौरान विनीत त्यागी ने गन्ने की नई किस्मों के बीजों की कीमत को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को नई किस्मों के बीज करीब 2,000 रुपये प्रति कुंतल तक बेचे जा रहे हैं, जबकि निर्धारित दर इससे कम है। उन्होंने मांग की कि किसानों को गन्ने के बीज निर्धारित कीमत पर उपलब्ध कराए जाएं और जरूरतमंद किसानों को अनुदान का लाभ दिया जाए, ताकि खेती की लागत कम हो सके।
किसानों ने चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि अक्टूबर तक मिलें चालू कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक पेराई शुरू नहीं हुई है। किसानों ने मांग की कि चीनी मिलों को जल्द चालू कराया जाए, ताकि गन्ने की आपूर्ति और भुगतान की प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके। इसके साथ ही किसानों ने मांग की कि पेराई सत्र शुरू होने तक बकाया बिजली बिलों के कारण किसानों के कनेक्शन न काटे जाएं। उन्होंने बिजली बिलों पर लगी पेनल्टी माफ करने और बिजली विभाग की छापेमारी पर रोक लगाने की भी मांग की।
धरने में बेगराजपुर स्थित मेडिकल कॉलेज का मुद्दा भी उठाया गया। विनीत त्यागी ने आरोप लगाया कि कॉलेज में दवाइयों की बिक्री और उपलब्धता को लेकर अनियमितताएं हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ चुनिंदा मेडिकल स्टोरों से दवाइयां खरीदने की व्यवस्था की जा रही है और इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या घटने और स्थानीय लोगों को इलाज के लिए परेशानी होने की बात भी कही। किसानों ने संबंधित व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराकर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। ये आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
किसानों ने शुरू किया प्रदर्शन (Img: Dynamite News)
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किसानों की ओर से उठाई गई मांगों में एमडीए क्षेत्र के गांवों में सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास भी शामिल है। इसके अलावा बेगराजपुर क्षेत्र में प्रदूषण की जांच कराने, सरकारी नालियों के निर्माण और रखरखाव की समीक्षा करने तथा मेडिकल कॉलेज में दवाओं की व्यवस्था की जांच कराने की मांग की गई। मांगपत्र में सहकारी संस्थाओं में खाद वितरण और किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
विनीत कुमार त्यागी ने कहा कि किसान किसी को परेशान करने के लिए धरने पर नहीं बैठे हैं, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसानों के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए, ताकि मांगों पर सहमति बन सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने बातचीत कर समस्याओं का समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर किसान ट्रैक्टरों के साथ हाईवे पर उतरने के लिए भी मजबूर हो सकते हैं। फिलहाल किसानों ने साफ किया है कि ठोस आश्वासन और समाधान मिलने तक उनका धरना जारी रहेगा।
Location : Muzaffarnagar
Published : 28 October 2026, 8:41 PM IST