नरक से छूटे जिगर के टुकड़े: जब मुजफ्फरनगर पुलिस ने बंधक मजदूरों को अपनों से मिलाया… तो बच्चों को देख फफक पड़े मां-बाप

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने मांडी गांव की ढोना फैक्ट्री पर छापेमारी कर नरक जैसी जिंदगी जी रहे 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है। इन मजदूरों को पिटबुल कुत्तों के पहरे में बंधक बनाकर यातनाएं दी जाती थीं। मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 June 2026, 10:29 AM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां तितावी थाना पुलिस ने मांडी गांव में स्थित एक ढोना फैक्ट्री पर छापेमारी कर नरक जैसी जिंदगी जी रहे 12 बंधुआ मजदूरों को बंधन मुक्त कराया है। अलग-अलग राज्यों और नेपाल से बहला-फुसलाकर लाए गए इन मजदूरों को पिछले दो साल से बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश जारी है।

एक मजदूर के भागने से खुला खौफनाक राज

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब फैक्ट्री से किसी तरह जान बचाकर भागा एक मजदूर तितावी थाने पहुंचा। उसने पुलिस को सूचना दी कि मांडी गांव की ढोना फैक्ट्री में कई मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया है, जहां उन्हें भयानक यातनाएं दी जा रही हैं और जबरन काम कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम (जिसमें तहसीलदार और सहायक श्रमायुक्त भी शामिल थे) ने संयुक्त रूप से फैक्ट्री पर छापेमारी की। वहां का नजारा बेहद खौफनाक था। मजदूरों पर नजर रखने और उन्हें भागने से रोकने के लिए फैक्ट्री में दो खतरनाक पिटबुल डॉग छोड़े गए थे।

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यातनाओं का दौर: 24 घंटे में सिर्फ सूखी रोटी

बंधन मुक्त कराए गए मजदूरों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें पैसों का लालच देकर यहां लाया गया था। लेकिन यहां आते ही उनके मोबाइल फोन और आधार कार्ड छीन लिए गए। फैक्ट्री मालिक शिवा त्यागी और उसके साथी उन्हें लगातार प्रताड़ित करते थे, उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती थी। खाने के नाम पर उन्हें 24 घंटे में सिर्फ एक सूखी रोटी दी जाती थी। बंधनमुक्त हुए मजदूर रामू ने रोते हुए कहा, "हमें वहां ढाई महीने से ज्यादा हो गए, एक पैसा नहीं मिला। कंपनी के अंदर न खाना मिलता था, न कपड़े। पुलिस ने हमें नई जिंदगी दी है, हम उनका एहसान जिंदगी भर नहीं भूलेंगे।"

हरिद्वार से किडनैप हुआ था विक्रम

राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले बंधक मजदूर विक्रम सिंह के भाई ने बताया कि विक्रम गांव से निकला था और उसे हरिद्वार से किडनैप किया गया था। पिछले चार महीनों से उसका फोन बंद था और परिवार का कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। जब मुजफ्फरनगर पुलिस ने उनके गांव क्लेमपुर में संपर्क किया, तब जाकर परिवार को राहत मिली। विक्रम के भाई ने कहा, "मेरे भाई का बहुत बुरा हाल था, लेकिन उसने भागने के बाद पुलिस को अंदर बंद अन्य साथियों के बारे में बताया। हम यूपी पुलिस का जितना शुक्रिया अदा करें, वो कम है।"

गंभीर धाराओं में मुकदमा और हत्या का सनसनीखेज खुलासा

पुलिस ने इस मामले में मु0अ0स0 154/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 95, 143(3), 143(4), 146, 127(4), 115(2), 352, 351(3), बालक श्रम अधिनियम की धारा 3/14, किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75/79 और बंधुआ श्रम पद्धति (उन्मूलन) अधिनियम की धारा 16/17/18 के तहत तीन आरोपियों- शिवा त्यागी, प्रदीप बालियान और अंकित बालियान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से शिवा त्यागी और प्रदीप बालियान को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पूछताछ के दौरान मजदूरों ने एक और सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में आरोपी शिवा त्यागी और अंकित बालियान ने उनके एक साथी 'टोपी उर्फ अर्जुन' की निर्मम हत्या कर दी थी और शव को कट्टे में बंद कर फेंक दिया था। इस संबंध में पुलिस ने धारा 105 और 238 बीएनएस के तहत एक और मुकदमा (मु0अ0स0 155/2026) दर्ज कर शिवा त्यागी को इस केस में भी गिरफ्तार किया है।

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पुनर्वास और विस्थापन के प्रयास जारी

मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की गहराई से जांच के लिए एक एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरी साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन करेगी। मुक्त कराए गए सभी 12 श्रमिकों को चिकित्सीय उपचार और मनोचिकित्सक से काउंसलिंग दिलाई जा रही है। 24 जून 2026 को चार मजदूरों (रंजीत, जगदीश, साहिल और विक्रम) के बयान कोर्ट में धारा 183 बीएनएसएस (BNSS) के तहत दर्ज करा दिए गए हैं।

सहायक समायुक्त मिस्टर दिनेश से समन्वय स्थापित कर पुनर्वास योजना के तहत सभी को तत्काल आर्थिक सहायता (पर हेड) दी जा रही है। जिन मजदूरों के बैंक खाते नहीं हैं, उनके खाते खुलवाए जा रहे हैं। चार मजदूरों के परिजनों (बिहार, आंध्र प्रदेश और राजस्थान से) को बुलाकर उनसे मिलवा दिया गया है और थाने की तरफ से उनके रहने-खाने की व्यवस्था की गई है। शेष मजदूरों के परिजनों की तलाश और वांछित आरोपी अंकित बालियान की गिरफ्तारी के लिए एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में दो पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  25 June 2026, 10:24 AM IST