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बेटे ने तीन लाख की मांग का आरोप लगाया (Image Source: Dynamite News)
Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर में 50 वर्षीय बादल ठाकुर की मौत के बाद परिवार ने मकान के लेनदेन को लेकर चल रहे विवाद और एक तथाकथित पत्रकार पर ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव खांजापुर में हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के बेटे करण ठाकुर का दावा है कि मकान को लेकर रुपये की मांग और कथित तौर पर खबर चलाने की धमकियों से उनके पिता परेशान थे। परिवार ने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मौत के कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
मृतक की पहचान खांजापुर निवासी बादल ठाकुर पुत्र शीतल ठाकुर के रूप में हुई है। उनके बेटे करण ठाकुर के मुताबिक, परिवार ने वर्ष 2023 में सदर बाजार निवासी एक व्यक्ति से 62 गज का मकान करीब 12 लाख रुपये में खरीदा था। करण का आरोप है कि मकान की पूरी कीमत चुकाने के बावजूद विक्रेता की ओर से उनके पिता पर लगातार रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने करीब तीन लाख रुपये की मांग को लेकर भी परेशान किए जाने का दावा किया है। करण के अनुसार, मकान से जुड़े विवाद के सिलसिले में करीब तीन वर्ष पहले पिता-पुत्र को जेल भी जाना पड़ा था। उनका कहना है कि इस पूरे मामले को लेकर बादल ठाकुर मानसिक तनाव में थे। हालांकि, मकान के लेनदेन और कथित बकाया रकम को लेकर दूसरे पक्ष का बयान उपलब्ध नहीं है।
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करण ठाकुर ने मुजफ्फरनगर में सोशल मीडिया चैनल चलाने वाले एक तथाकथित पत्रकार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि संबंधित व्यक्ति वीडियो बनाकर उन्हें कथित तौर पर ब्लैकमेल करता था। करण के मुताबिक, रुपये नहीं देने पर उनके खिलाफ मनगढ़ंत खबरें चलाने की धमकी दी जाती थी। उन्होंने बताया कि महावीर चौक पर उनकी कन्फेक्शनरी की दुकान है और आरोप है कि इसी दुकान को लेकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा था। करण ने यह भी दावा किया कि संबंधित व्यक्ति कथित वसूली के नाम पर पहले उनसे 50 हजार रुपये ले चुका था। पिछले कुछ दिनों से लगातार परेशान किए जाने के कारण उनकी दुकान करीब एक सप्ताह से बंद होने की बात भी उन्होंने कही। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बादल ठाकुर की मौत के बाद परिवार ने मकान विवाद और कथित ब्लैकमेलिंग से जुड़े आरोपों की जांच कराने की मांग की है। परिजनों का दावा है कि लगातार मिल रहे दबाव और कथित उत्पीड़न के कारण वह तनाव में थे। हालांकि, किसी विवाद को मौत का प्रत्यक्ष कारण मानने से पहले पुलिस जांच और अन्य साक्ष्यों का सामने आना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या किसी आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे का विवरण शामिल नहीं है। ऐसे में मामले में आगे की कार्रवाई और आरोपों की सत्यता स्पष्ट होना बाकी है। फिलहाल, परिवार के आरोपों और घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच अहम है, ताकि तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जा सके।
Location : Muzaffarnagar
Published : 23 October 2026, 9:43 PM IST