मिट्टी की खुशबू और दांव-पेंच का रोमांच: मिर्जापुर में सजा विराट दंगल, पहलवानों ने दिखाया दम-खम

मिर्जापुर चुनार तहसील के नकहरा गांव में विराट कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के क्षेत्रों के साथ ही विभिन्न जनपदों से पहुंचे पहलवानों ने हिस्सा लिया। अखाड़े में पहलवानों ने शानदार दांव-पेंच दिखाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 September 2026, 1:48 PM IST

Mirzapur: उत्तर प्रदेश के जनपद मिर्जापुर चुनार तहसील के नकहरा गांव में विराट कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के क्षेत्रों के साथ ही विभिन्न जनपदों से पहुंचे पहलवानों ने हिस्सा लिया। अखाड़े में पहलवानों ने शानदार दांव-पेंच दिखाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। रोमांचक मुकाबलों के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों और कुश्ती प्रेमियों ने तालियां बजाकर पहलवानों का उत्साह बढ़ाया।

अखाड़े में पहलवानों ने आजमाए दांव-पेंच

दंगल के दौरान अलग-अलग वर्गों में पहलवानों के बीच मुकाबले कराए गए। अखाड़े में उतरते ही पहलवानों ने अपनी ताकत और कुश्ती कौशल का प्रदर्शन किया। किसी पहलवान ने सामने वाले को पटखनी देने के लिए जोरदार दांव लगाया तो किसी ने अपनी तकनीक से मुकाबले का रुख बदल दिया। मुकाबलों को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़े, दर्शकों का उत्साह भी बढ़ता गया। अखाड़े के आसपास मौजूद कुश्ती प्रेमी हर दांव पर तालियों और उत्साह के साथ पहलवानों का हौसला बढ़ाते रहे।

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15 हजार की कुश्ती बराबरी पर छूटी

दंगल में धर्मेंद्र चौबेपुर और रमेश डीएलडब्ल्यू के बीच 15 हजार रुपये की कुश्ती कराई गई। दोनों पहलवानों के बीच काफी देर तक जोरदार मुकाबला चला। दोनों ने एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए कई दांव आजमाए, लेकिन अंत में मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। इसी तरह ओमकार गाजीपुर और राजू मोहनिया के बीच 10 हजार रुपये की कुश्ती हुई। इस मुकाबले में भी दोनों पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया। कड़े संघर्ष के बाद यह मुकाबला भी बराबरी पर रहा।

51 हजार रुपये की सबसे बड़ी बोली

दंगल में सबसे बड़ी कुश्ती की बोली 51 हजार रुपये रखी गई। यह कुश्ती संदीप सड़सा, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं, के नाम रही। हालांकि उनके सामने मुकाबले के लिए कोई पहलवान नहीं मिला। इसके बाद आयोजन समिति की ओर से संदीप सड़सा को 10 हजार रुपये और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया।

पारंपरिक खेल को बढ़ावा देने की पहल

आयोजकों ने बताया कि दंगल आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कुश्ती जैसी पारंपरिक खेल विधा को बढ़ावा देना है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय और युवा पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। आयोजकों के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें उचित मंच देने की है। कुश्ती दंगल जैसे कार्यक्रम युवाओं को खेलों से जोड़ने और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रेरित करते हैं।

अतिथियों का किया गया स्वागत

कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान नकहरा अभिषेक कुमार ने पहुंचे अतिथियों का माल्यार्पण और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। आयोजन समिति में पूर्व प्रधान जय सिंह सहित अन्य लोगों की भूमिका रही। दंगल के सफल आयोजन में स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी सहयोग किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अखाड़े में उत्साह और खेल भावना का माहौल बना रहा।

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फणिंद्र श्रीवास्तव और रामबली सिंह ने किया संचालन

कुश्ती दंगल का संयुक्त रूप से संचालन फणिंद्र श्रीवास्तव और रामबली सिंह ने किया। दोनों ने मुकाबलों के दौरान दर्शकों को कुश्ती से जुड़ी जानकारी भी दी और पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने दंगल में शामिल पहलवानों, अतिथियों और सहयोग करने वाले स्थानीय लोगों का आभार जताया। ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस दंगल ने लोगों को पारंपरिक कुश्ती से जोड़ने के साथ युवा पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच भी दिया।

Location :  Mirzapur

Published :  16 September 2026, 1:48 PM IST