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वित्तीय अनियमितताओं का आरोप (Img: Dynamite News)
Mirzapur: उत्तर प्रदेश के जनपद मिर्जापुर में करीब 6 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य बजट से जुड़े वित्तीय कार्यों को लेकर सवाल उठे हैं। एक संगठन ने तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। शिकायत में शासनादेशों और विभागीय निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
मामला जिले में नवनिर्मित 50 शैय्यायुक्त बहुखंडी चिकित्सालय से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अस्पताल में चिकित्सा इकाइयों के संचालन, उच्चीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए उपकरण और साज-सज्जा की खरीद को शासन स्तर से 6,01,82,521 रुपये की प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति दी गई थी। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता दिलीप सिंह गहरवार ने इस बजट से जुड़े वित्तीय कार्यों और पटल आवंटन की जांच की मांग की है।
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शिकायतकर्ता ने तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. छोटेलाल वर्मा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने निर्धारित नियमों और विभागीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए कनिष्ठ सहायक अमित कुमार सिंह को वित्तीय पटल से जुड़े काम सौंपे।
शिकायत में दावा किया गया है कि अस्पताल के लिए उपकरणों की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से की गई थी। इसके बाद सामान की आपूर्ति प्राप्त करने, बिलों के सत्यापन और कैशबुक से संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी अमित कुमार सिंह और डॉ. अवधेश कुमार सिंह को दी गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वित्तीय कार्यों का यह आवंटन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में मिनिस्टीरियल संवर्ग के कर्मचारियों के कार्य और दायित्व से संबंधित शासनादेशों तथा विभागीय निर्देशों के अनुरूप नहीं था। इसी आधार पर संगठन ने पूरे मामले की जांच कराने और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में अमित कुमार सिंह के वर्ष 2024 में हुए स्थानांतरण का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, निदेशक प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश की ओर से उनका स्थानांतरण आरएफटीसी, प्रयागराज किया गया था।
आरोप है कि उन्हें तत्काल कार्यमुक्त नहीं किया गया। बाद में 20 जुलाई 2025 को कार्यमुक्त किए जाने का आदेश जारी हुआ। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसके बावजूद 30 जुलाई 2025 को उन्होंने फिर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में योगदान किया और उनसे पहले की तरह काम कराया गया।
शिकायतकर्ता ने मामले में हुई एक विभागीय जांच का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, निदेशक प्रशासन की ओर से जांच के लिए अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विंध्याचल मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया था। शिकायत में 31 दिसंबर 2025 की कथित जांच रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए दावा किया गया है कि इसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मिर्जापुर को अमित कुमार सिंह को कार्यमुक्त किए जाने के संबंध में उच्चाधिकारियों को बार-बार भ्रामक सूचना भेजने का दोषी पाए जाने की बात कही गई थी।
करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जांच अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ओझा को शिकायत से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह कार्रवाई 24 सितंबर 2026 को मिले उस पत्र के क्रम में की गई, जिसमें मूल शिकायत की पठनीय प्रति और साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया था।
शिकायतकर्ता ने करीब 6.01 करोड़ रुपये के बजट से जुड़ी पत्रावलियों, भुगतान प्रक्रिया, पटल आवंटन और वित्तीय कार्यों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। विभागीय जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Location : Mirzapur
Published : 5 October 2026, 7:38 PM IST
Topics : 6 Crore Health Budget Financial Irregularities Allegation Mirzapur Hospital Budget mirzapur news UP News