जिम ट्रेनिंग के बहाने महिलाओं को फंसाया, धर्मांतरण तक का दबाव: मिर्जापुर का सनसनीखेज मामला

लखनऊ पुलिस लाइन के सिपाही सुनील शुक्ला ने दो हफ्ते में छह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर ड्यूटी पर वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। अनुशासनहीनता और सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। मामले में 12 पुलिसकर्मियों को भी हटाया गया और ड्यूटी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाएगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 May 2026, 11:01 AM IST

Mirzapur: मिर्जापुर में ‘जिम जिहाद’ मामले ने कानूनी और सामाजिक स्तर पर गंभीर ध्यान खींचा है। पुलिस ने 10 जिम संचालकों पर गैंगस्टर एक्ट लागू किया है। आरोप है कि जिम ट्रेनिंग और फिटनेस के बहाने महिलाओं को फंसाकर ब्लैकमेल, शोषण और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई जांच में मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की गई है।

10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया

इस मामले में जनवरी और फरवरी 2026 में नामजद 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। गैंगस्टर एक्ट लागू होने के बाद कानूनी कार्रवाई और सख्त हो गई है। अब आरोपियों की अवैध संपत्तियों की पहचान और जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

शिकायतों से खुला मामला

मामले की शुरुआत कुछ महिलाओं की शिकायतों से हुई। पुलिस ने इन शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की और संबंधित जिमों को सील कर दिया। प्रारंभिक जांच में अनुमान है कि 50 से अधिक महिलाएं इस कथित रैकेट का शिकार हो सकती हैं। पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों से संपर्क कर रही है।

कैसे चलता था नेटवर्क

पुलिस के अनुसार आरोपी जिम ट्रेनिंग के बहाने महिलाओं को अपने जाल में फंसाते थे। दोस्ती या संबंध बनाने के बाद आपत्तिजनक फोटो और वीडियो तैयार किए जाते, जिन्हें ब्लैकमेल के लिए इस्तेमाल किया जाता। इसके बाद पैसे की उगाही और धर्मांतरण के लिए दबाव डाला जाता। पुलिस ने इस ऑपरेशन का नाम ‘जिम जिहाद’ रखा है।

चार्जशीट और आगे की कार्रवाई

मास्टरमाइंड इमरान खान समेत 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एंड एंटी सोशल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत अतिरिक्त कार्रवाई जोड़ी। अब आर्थिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आरोपियों ने किसी अवैध गतिविधि से संपत्ति अर्जित की है या नहीं।

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कानूनी धाराएं

मामला 19 जनवरी को दर्ज किया गया था। एफआईआर भारतीय दंड संहिता, उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत दर्ज की गई थी। गैंगस्टर एक्ट जोड़ने के बाद कार्रवाई और सख्त हो गई है। जांच अभी जारी है और सभी आरोप अदालत में परीक्षण के अधीन हैं।

इस पूरे मामले ने मिर्जापुर में जिम संचालकों द्वारा कथित रूप से महिलाओं के साथ किए जा रहे अपराधों को उजागर किया और कानून प्रवर्तन में तेज कार्रवाई की मांग बढ़ाई है।

Location :  Lucknow

Published :  20 May 2026, 11:01 AM IST