
विजय मिश्रा (Img: X)
Mirzapur: मिर्जापुर स्थित एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। न्यायाधीश पुष्पा सिंह की अदालत ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्रा सहित छह आरोपियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए फरवरी 2025 में सुनाई गई दो वर्ष की सजा को रद्द कर दिया। अदालत के इस फैसले से सभी आरोपियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
यह मामला वर्ष 2002 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान का है। उस समय ज्ञानपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी गोरखनाथ पांडेय और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी विजय मिश्रा चुनाव मैदान में थे। चुनाव के दौरान पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय के भाई को कथित रूप से धमकी देने का आरोप लगाया गया था। इसी मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था और लंबे समय तक न्यायालय में सुनवाई चलती रही।
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फरवरी 2025 में निचली अदालत ने विजय मिश्रा, मनीष मिश्रा और अन्य आरोपियों को दोषी मानते हुए दो-दो वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी। अपील पर सुनवाई के बाद अदालत ने निचली अदालत के फैसले को निरस्त कर दिया।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अपना निर्णय सुनाया। अदालत के आदेश के बाद इस बहुचर्चित मामले में आरोपियों को राहत मिल गई है। हालांकि विस्तृत न्यायिक आदेश के आधार पर ही फैसले के कानूनी पहलुओं की पूरी जानकारी सामने आएगी।
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विजय मिश्रा पूर्वांचल की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं। ऐसे में अदालत के इस फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल इस मामले में अदालत के आदेश के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी।
Location : Mirzapur
Published : 21 August 2026, 3:52 PM IST