
राल अधीक्षक के तबादले पर हाईकोर्ट की रोक(Source: Pinterest)
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) राल के चिकित्सा अधीक्षक राकेश सिंह को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके तबादले के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें फिर से सीएचसी राल में चिकित्सा अधीक्षक के पद पर बहाल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उनके रुके हुए वेतन के भुगतान के भी आदेश दिए हैं।
मामला 13 जुलाई को जारी किए गए एक आदेश से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक जिलाधिकारी के निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राकेश सिंह को सीएचसी राल के अधीक्षक पद से हटाकर सीएचसी नौहझील में चिकित्सा अधिकारी के पद पर भेज दिया था। हालांकि, राकेश सिंह ने नौहझील में जाकर कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
नौहझील में कार्यभार ग्रहण नहीं करने के बाद विभाग की ओर से राकेश सिंह का वेतन रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने तबादले और वेतन रोकने की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तबादले की प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह सवाल उठाया कि किसी चिकित्सक के तबादले का निर्देश देने का जिलाधिकारी के पास कानूनी अधिकार क्या है। अदालत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी जवाब मांगा कि उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देश को किस कानूनी आधार पर लागू किया। मामले में दोनों अधिकारियों की भूमिका को लेकर कोर्ट ने स्पष्टीकरण मांगा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी राधा वल्लभ को तीन सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश के बाद अब अधिकारियों को तबादले की प्रक्रिया और उसके आधार से जुड़े सवालों पर अपना पक्ष रखना होगा।
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद राकेश सिंह को सीएचसी राल में चिकित्सा अधीक्षक के मूल पद पर फिर से बहाल कर दिया गया है। साथ ही वेतन भुगतान का रास्ता भी साफ हुआ है। अब मामले की अगली सुनवाई में जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के हलफनामे के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
Location : Mathura
Published : 11 September 2026, 3:57 PM IST