एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में बड़ा बदलाव: यूपी सरकार ने YUPIDA का नियंत्रण बदला, बढ़ी राजनीतिक गर्मी

उत्तर प्रदेश में यूपीडा के प्रशासनिक नियंत्रण में बड़ा बदलाव किया गया है। एक्सप्रेसवे और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जिम्मेदारी अब अवस्थापना विकास विभाग को सौंप दी गई है, जिस पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 9 June 2026, 12:49 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की एक्सप्रेसवे और बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण) का नियंत्रण अब औद्योगिक विकास विभाग से हटाकर अवस्थापना विकास विभाग को सौंप दिया गया है। इस फैसले के बाद सभी प्रमुख परियोजनाएं और फाइलें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सिस्टम के तहत निपटाई जाएंगी। वहीं, इस बदलाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

यूपीडा अब अवस्थापना विकास विभाग के अधीन

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यूपीडा से जुड़े सभी कार्य अब तत्काल प्रभाव से अवस्थापना विकास अनुभाग को सौंप दिए गए हैं। पहले जहां एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की मंजूरी और बजट संबंधी फाइलें औद्योगिक विकास विभाग के जरिए आगे बढ़ती थीं, अब यह पूरी प्रक्रिया नए विभाग के अधीन होगी। इस बदलाव के बाद औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के पास से एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रशासनिक जिम्मेदारी हट गई है।

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मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका और तेज फैसलों का दावा

चूंकि अवस्थापना विकास विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आता है, ऐसे में अब यूपीडा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रस्ताव और निर्णय सीधे सीएम स्तर पर पहुंचेंगे। सरकार का दावा है कि इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने में देरी नहीं होगी। साथ ही विभागीय विसंगतियों और कार्य आवंटन में विरोधाभास भी खत्म होंगे।

व्यवस्था होगी ज्यादा व्यावहारिक

शासन के अनुसार यूपीडा का मुख्य कार्य एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर और बड़ी परियोजनाओं का विकास करना है। ऐसे में इसे अवस्थापना विकास विभाग के अधीन रखना अधिक व्यावहारिक माना गया है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक दोहराव खत्म होगा और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

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अखिलेश यादव का तंज

इस फैसले पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जब सारे ‘घटिया एक्सप्रेसवे’ बन गए और कथित भ्रष्टाचार का ‘लेनदेन’ पूरा हो गया, तब यह बदलाव किया गया है। उन्होंने आगे कई राजनीतिक टिप्पणियां करते हुए सरकार की नीतियों और विधायकों पर भी सवाल उठाए हैं।

विपक्ष और सत्ता के बीच बढ़ी सियासी गर्मी

इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जहां सरकार इसे प्रशासनिक सुधार और फैसलों में तेजी का कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से जोड़कर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

Location :  Lucknow

Published :  9 June 2026, 12:49 PM IST