यूपी के बदायूं में पीएमजेवाई में गड़बड़ी की बड़ी खबर सामने आयी है। पीड़ित लाभार्थियों ने संबंधित कर्मियों पर धांधली का आरोप लगाया है। इस खबर के बाद नगर पालिका में अफरातफरी का माहौल है।

बदायूं में पीएम आवास योजना में धांधली
Badaun: जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर धांधली की बड़ी खबर सामने आयी है। सहसवान में पीड़ित लाभार्थियों ने संबंधित अधिकारियों पर हेराफेरी का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने नगर पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी से मामले की जांच कराने की मांग की है।
पीड़ितों ने बताया कि मोहल्ला पट्टी यकीन मुहम्मद, वार्ड नंबर 6 के करीब 40 से 50 गरीब लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। नगर पालिका के कर्मचारियों और सुपरवाइजरों द्वारा घर-घर जाकर जांच की गई लाभार्थियों के फोटो खींचे गए और फाइलें तैयार की गईं। जांच के बाद संबंधित कर्मचारी लाभार्थियों की फाइलें अपने साथ ले गए।
पीड़ित लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि संबंधित कर्मचारी ने फाइल पास कराने के नाम पर उनसे ₹1000 से लेकर ₹2000 तक की रकम वसूली।
सभासद और पीड़ित लाभार्थी
जब मामले के बाबत वार्ड सभासद को जानकारी हुई तो उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से फाइलों के बारे में पूछताछ की। इस पर कर्मचारियों ने सिर्फ 28 लाभार्थियों की एक सूची सौंपी लेकिन फाइलों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया।
पीड़ित लाभार्थी मश्वरी ने कहा कि उन्होंने दो बार मकान के लिए फार्म भरा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने फाइल पास करने के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कथित कर्मचारियों का नाम लेकर कहा कि उन्होंने फाइल पास कराने के एवज में उनसे 500-500 रुपए लिये। उन्होंने कहा कि उनके रहने का कहीं कोई ठिकाना नहीं है।
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क्षेत्र के सभासद प्यारे मियां ने कहा कि मेरे वार्ड के कुछ लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए फार्म भरे थे। इस पर विभाग द्वार कुछ कर्मचारियों को जांच के लिए भेजा गया। संबंधित कर्मचारियों ने लाभार्थियों से 500-1000 रुपए लिए। जब मैने फाइल के बाबत पूछा तो उन्होंने उन्हीं फाइलों के बारे में बताया जिसमें उन्होने 10 हजार से अधिक की घूस ली। बाकी फाइलों को उन्होंने गायब कर दिया। पूछने पर उन्होने कुछ नहीं बताया। उन्होंने मुझे महज 28 लाभार्थियो की फाइल बताया। पूछने पर ये बदसलूकी कर रहे हैं।
सभासद और स्थानीय लोगों का आरोप है कि फाइलों को जानबूझकर गायब किया गया। उन्होंने कहा कि गरीब लाभार्थियों के साथ धोखाधड़ी की गई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीबों को पक्का घर देना है लेकिन सहसवान में सामने आए इस मामले ने योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित लाभार्थियों ने पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।