जिले में बालश्रम के खिलाफ पुलिस और श्रम विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ा अभियान चलाते हुए सख्त कार्रवाई की। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना (AHT) की टीम ने “ऑपरेशन रक्षा” के तहत विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर बाल श्रमिकों को काम पर लगाने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसा।

गोरखपुर में बालश्रम के खिलाफ बड़ा एक्शन
गोरखपुर: जिले में बालश्रम के खिलाफ पुलिस और श्रम विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ा अभियान चलाते हुए सख्त कार्रवाई की। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना (AHT) की टीम ने “ऑपरेशन रक्षा” के तहत विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर बाल श्रमिकों को काम पर लगाने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसा। इस कार्रवाई से अवैध रूप से बाल मजदूरी कराने वालों में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरी खबर?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन में AHT थाना प्रभारी निरीक्षक अपनी टीम के साथ मैदान में उतरे। अभियान के दौरान थाना कैंट और गोरखनाथ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों, दुकानों, कारखानों, उद्योगों, खदानों और ईंट-भट्टों पर सघन चेकिंग की गई।
6 दुकानदारों के खिलाफ चालान की कार्रवाई
जांच के दौरान 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराए जाने के मामले सामने आए। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए 6 दुकानदारों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में नाबालिगों से श्रम कराना कानूनन अपराध है और आगे ऐसी शिकायत मिलने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारों के प्रति जागरूकता
अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल बालश्रम पर रोक लगाना था, बल्कि बचाए गए बच्चों के पुनर्वास और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना भी था। इस दौरान आम जनता और व्यापारियों को बालश्रम से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई और उन्हें इसके दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।
पुलिस और श्रम विभाग की टीम ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी बालश्रम होता दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें। इसके लिए सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा), 1090, 1076 और 1930 की जानकारी भी दी गई।इस संयुक्त कार्रवाई से यह संदेश साफ है कि गोरखपुर में अब बालश्रम के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।