रेलवे ने बंद कर दिया गांव का इकलौता रास्ता… फिर जो हुआ उसे देखकर अफसरों के भी उड़ गए होश!

महराजगंज के घघरुआ खण्डेसर गांव में रेलवे लाइन निर्माण के दौरान मुख्य मार्ग बंद किए जाने के विरोध में ग्रामीण धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल, मंदिर और छठी मैया के पोखरे तक पहुंच बाधित हो गई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 12 July 2026, 3:29 PM IST

महराजगंज: घुघली विकास खंड के घघरुआ खण्डेसर गांव में रेलवे लाइन निर्माण के दौरान मुख्य पारंपरिक मार्ग बंद किए जाने के विरोध में रविवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीण शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए और रेलवे प्रशासन व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने तत्काल अंडरपास या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की।

स्कूल और धार्मिक स्थलों तक पहुंचना हुआ मुश्किल

ग्रामीणों के अनुसार पूर्वोत्तर रेलवे की नई घुघली–महराजगंज–फरेंदा (आनंदनगर) रेल लाइन का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते गांव का वह मुख्य रास्ता बंद किया जा रहा है, जिससे होकर ग्रामीण वर्षों से आवागमन करते रहे हैं। इसी मार्ग से दो सरकारी विद्यालय, प्राचीन हनुमान मंदिर और छठी मैया का पवित्र पोखरा जुड़ा हुआ है। रास्ता बंद होने से स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी हो रही है, वहीं धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

पहले भी दी गई थीं शिकायतें, नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले ही डीआरएम लखनऊ, रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन को कई बार ऑनलाइन और लिखित शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। इसके बावजूद न तो निर्माण कार्य के दौरान कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई और न ही अंडरपास या रेलवे क्रॉसिंग बनाने की दिशा में कोई कदम उठाया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

लोकतांत्रिक तरीके से शुरू किया विरोध

धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन की लगातार अनदेखी के कारण उन्हें शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उनका कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर गांव की मूलभूत सुविधाओं और लोगों की धार्मिक आस्था की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती।

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समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अंडरपास या सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि बच्चों की शिक्षा, ग्रामीणों की आवाजाही और धार्मिक स्थलों तक पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। फिलहाल गांव में आंदोलन जारी है और ग्रामीण समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

Location :  Maharajganj

Published :  12 July 2026, 3:29 PM IST