महराजगंज में शनिवार को “थाना समाधान दिवस” आयोजित किया गया। 61 प्रार्थना पत्रों में से 10 का मौके पर निस्तारण हुआ। पुलिस अधीक्षक ने भूमि विवाद और अन्य शिकायतों के त्वरित निपटान, रिकॉर्ड रखरखाव और जनता की समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर जोर दिया।

जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण
Maharajganj: जनता की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को जनपद महराजगंज के समस्त थानों पर “थाना समाधान दिवस” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले भर से कुल 61 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 10 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक महराजगंज सोमेन्द्र मीना स्वयं थाना निचलौल पहुंचे और समाधान दिवस के दौरान फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने मौके पर प्रस्तुत 03 प्रार्थना पत्रों के निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि संबंधी विवादों में पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य था कि फरियादियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और मामलों का त्वरित समाधान हो। उन्होंने कहा कि सभी भूमि विवाद संबंधी प्रार्थना पत्रों को थाना समाधान दिवस रजिस्टर में अंकित किया जाए और दोनों पक्षों को बुलाकर संयुक्त रूप से निस्तारित किया जाए।
जनसुनवाई के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने थाना निचलौल का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान आगंतुक रजिस्टर, अपराध रजिस्टर, मालखाना, शस्त्र रजिस्टर, महिला हेल्प डेस्क, रोजनामचा और सीसीटीएनएस पोर्टल से जुड़े अभिलेखों एवं रिकॉर्ड रखरखाव प्रणाली की गहन जांच की गई। एसपी ने थाना प्रभारी को अभिलेखों की अद्यतनता, शुद्धता और जनता से जुड़े कार्यों में तत्परता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारियों ने अपने-अपने सर्किल के थानों पर तथा सभी थाना प्रभारियों ने अपने स्तर पर समाधान दिवस का आयोजन किया। राजस्व कर्मियों की उपस्थिति में जनता की समस्याएं सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
प्रशासन ने दोहराया कि थाना समाधान दिवस का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करना तथा शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। यह पहल जनता के लिए पारदर्शी, त्वरित और न्यायपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।