कब्रिस्तान के 6 पेड़ किसने कटवाए? महराजगंज में मामला दर्ज होते ही उठे कई सवाल

महराजगंज के निचलौल क्षेत्र के अमड़ी गांव में कब्रिस्तान की जमीन पर लगे छह सहदवन पेड़ों की कथित बिक्री और कटान का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने कमेटी के तीन पदाधिकारियों और अज्ञात ठेकेदार समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।

Post Published By: Komal Pandey
Updated : 14 August 2026, 12:40 PM IST

Maharajganj: महराजगंज के निचलौल क्षेत्र में कब्रिस्तान की जमीन पर लगे पेड़ों की कथित बिक्री और कटान का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। ग्राम अमड़ी स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर लगे छह सहदवन के पेड़ों को कथित तौर पर कमेटी बनाकर बेचने और बाद में कटान कराने का आरोप लगाया गया है। शिकायत मिलने के बाद निचलौल थाना पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कब्रिस्तान की जमीन पर लगे थे पेड़

शिकायतकर्ता लेखपाल संजीव पुत्र स्वर्गीय हरिश्चन्द्र ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि ग्राम अमड़ी में कब्रिस्तान की भूमि संख्या 130 है। इसका कुल रकबा 0.291 हेक्टेयर बताया गया है। इसी भूमि पर सहदवन के कई पेड़ लगे हुए थे।

आरोप है कि इन पेड़ों को एक कमेटी बनाकर कथित तौर पर बेच दिया गया। इसके बाद ठेकेदार ने मौके पर पहुंचकर छह सहदवन के पेड़ों की कटान कर दी।

कमेटी के पदाधिकारियों पर आरोप

शिकायत में कमेटी के ट्रस्टी प्रबंधक रफिउल्लाह पुत्र ललई, उपप्रबंधक अब्दुल माजिद पुत्र अब्दुल सकूर और सचिव जाफर पुत्र साहिद को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा अज्ञात ठेकेदार के खिलाफ भी शिकायत की गई है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पेड़ों की बिक्री और कटान पर उठे सवाल

कब्रिस्तान की भूमि पर लगे पेड़ों की कथित बिक्री के बाद उनकी कटान को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन पेड़ों को बेचने की अनुमति किस स्तर से मिली थी। क्या पेड़ों की कटान के लिए संबंधित विभाग से वैधानिक अनुमति ली गई थी या नहीं?

इसके अलावा पेड़ों की बिक्री से प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया, इसकी भी जांच किए जाने की संभावना है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और मौके की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।

उत्तर प्रदेश में पेड़ों की कटान को लेकर नियम लागू हैं। संबंधित कानून के तहत सामान्य तौर पर पेड़ काटने या हटाने के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जरूरी होती है। ऐसे में इस मामले में यह जांच अहम होगी कि छह सहदवन के पेड़ों की कटान से पहले वैधानिक अनुमति ली गई थी या नहीं और कमेटी के पास इन्हें बेचने का अधिकार था या नहीं।

दो कानूनों के तहत दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने शिकायत के आधार पर सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 और उत्तर प्रदेश ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में वृक्षों का संरक्षण अधिनियम, 1976 की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

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जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

पुलिस की जांच में पेड़ों की वास्तविक संख्या, उनकी कटान की परिस्थितियां, कथित बिक्री, अनुमति और कमेटी की भूमिका जैसे बिंदुओं को खंगाला जाएगा। फिलहाल मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपों की सत्यता की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि पेड़ों की बिक्री और कटान में नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं।

Location :  Maharajganj

Published :  14 August 2026, 10:52 AM IST