महराजगंज रजिस्ट्री कार्यालय में अधिवक्ता बैठे धरने पर, जानिए पूरा मामला

महराजगंज सदर तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय में फ्रंट कार्यालय व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर धरने पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारियों ने शासनादेश वापस न होने तक बैनामा और रजिस्ट्री कार्यों के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान किया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 9 June 2026, 1:42 PM IST

Maharajganj: सदर तहसील स्थित उप निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालय में प्रस्तावित फ्रंट कार्यालय व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों, फोटोकॉपी संचालकों तथा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कार्य से जुड़े लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों ने शासन के फैसले को रोजगार और जनहित के खिलाफ बताते हुए रजिस्ट्री संबंधी कार्यों के बहिष्कार का ऐलान किया है।

कर्मचारियों की आजीविका पर सीधा असर

धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए फ्रंट कार्यालय व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से वर्षों से उप निबंधन कार्यालय से जुड़े अधिवक्ताओं, कातिबों, ई-स्टांप विक्रेताओं और अन्य कर्मचारियों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।

आम जनता को अतिरिक्त आर्थिक उठाना पड़ सकता है बोझ

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश शुक्ला ने कहा कि सरकार द्वारा लागू की जा रही व्यवस्था से अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की भूमिका सीमित हो जाएगी, जिससे हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में लोगों को स्थानीय स्तर पर उचित कानूनी सलाह और सहयोग मिलता है, जबकि नई प्रणाली से आम जनता को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है।

रोजगार पर गंभीर खतरा मंडराने लगेगा

लेखक संघ के अध्यक्ष चन्द्रभान विश्वकर्मा ने कहा कि फ्रंट कार्यालय खुलने के बाद दस्तावेज लेखकों के रोजगार पर गंभीर खतरा मंडराने लगेगा। वहीं ई-स्टांपिंग व्यवसायी शेषमणि गुप्ता ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि यह व्यवस्था छोटे व्यवसायियों और आम नागरिकों दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

धरने पर बैठे अधिवक्ताओं और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सरकार की नई व्यवस्था स्थानीय स्तर पर वर्षों से कार्य कर रहे लोगों को बेरोजगार करने वाली है। उनका कहना है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में बदलाव से जनता को अधिक खर्च और अतिरिक्त औपचारिकताओं का सामना करना पड़ सकता है।

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आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक फ्रंट कार्यालय खोले जाने संबंधी शासनादेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक उप निबंधन कार्यालय में बैनामा, रजिस्ट्री और अन्य पंजीकरण संबंधी कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की भी घोषणा की गई है।

धरने के चलते मंगलवार को रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज प्रभावित रहा और कई लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचकर भी निराश लौटे। अब सभी की निगाहें शासन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Location :  Maharajganj

Published :  9 June 2026, 1:42 PM IST