Nepal Flood: कहां से आए ये 4 शव? नेपाल की बाढ़ के बाद भारत पहुंची लाशों का राज बरकरार

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद नारायणी नदी में बहकर भारत पहुंचे चार अज्ञात शवों की पहचान नहीं हो सकी। पोस्टमार्टम और डीएनए सैंपल सुरक्षित करने के बाद महराजगंज प्रशासन ने सभी शव नेपाल पुलिस को सौंप दिए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 31 August 2026, 9:51 AM IST

Maharajganj: महराजगंज में नेपाल की प्राकृतिक आपदा के बाद नारायणी नदी में बहकर भारतीय सीमा में पहुंचे चार शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया। मृतकों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। सभी शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

निचलौल क्षेत्र के टेलफाल के पास स्थानीय लोगों ने नारायणी नदी में शवों को बहते देखा था। इसकी सूचना मिलने के बाद प्रशासन के साथ सुरक्षा एजेंसियां भी तुरंत सक्रिय हो गईं। एसएसबी और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और नदी से चारों शवों को बाहर निकाला।

जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखे गए शव

शवों को बाहर निकालने के बाद उनकी तत्काल पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद प्रशासन ने सभी शवों को महराजगंज जिला अस्पताल के मोर्चरी हाउस में सुरक्षित रखवाया। नियमानुसार मृतकों की पहचान और उनके परिजनों के दावे के लिए 72 घंटे तक इंतजार किया गया।

इस दौरान प्रशासन की ओर से शवों की पहचान कराने के प्रयास किए गए, लेकिन निर्धारित समय के भीतर कोई भी व्यक्ति शवों पर अपना दावा करने नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रशासन ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।

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पोस्टमार्टम के साथ सुरक्षित किए गए डीएनए सैंपल

72 घंटे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चारों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान सभी मृतकों के डीएनए सैंपल भी सुरक्षित किए गए हैं। प्रशासन ने यह कदम भविष्य में मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। यदि नेपाल में किसी परिवार की ओर से इन शवों को लेकर दावा किया जाता है, तो डीएनए जांच के माध्यम से पहचान की पुष्टि की जा सकेगी। इससे मृतकों के परिजनों तक शव पहुंचाने की प्रक्रिया में भी मदद मिलेगी।

नेपाल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहा महराजगंज प्रशासन

चारों शवों के भारत में मिलने के बाद से ही महराजगंज प्रशासन ने नेपाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा। चूंकि शवों के नेपाल से बहकर आने की आशंका थी, इसलिए उन्हें आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया गया। अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि चारों शवों से जुड़ी सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई थीं। इसके बाद उन्हें नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया।

ठूठीबारी बॉर्डर से नेपाल पुलिस ने किया एस्कॉर्ट

चारों शवों को एंबुलेंस के माध्यम से ठूठीबारी बॉर्डर के रास्ते नेपाल भेजा गया। सीमा पार करने के बाद नेपाल पुलिस ने एंबुलेंस को सुरक्षा प्रदान की और उसे एस्कॉर्ट करते हुए आगे लेकर गई। जानकारी के मुताबिक, शवों को लेकर जा रही एंबुलेंस को नेपाल पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच महेशपुर सशस्त्र प्रहरी पुलिस, नवलपरासी तक लेकर गई। अब मृतकों की पहचान कराने और उनके परिजनों तक शव पहुंचाने की जिम्मेदारी नेपाल प्रशासन की होगी।

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पहचान के लिए डीएनए जांच बनेगी अहम

फिलहाल चारों मृतकों की पहचान सामने नहीं आई है। हालांकि, प्रशासन द्वारा डीएनए सैंपल सुरक्षित किए जाने से भविष्य में पहचान की संभावना बनी हुई है। नेपाल प्रशासन अब अपने स्तर पर मृतकों की पहचान और उनके परिवारों की तलाश की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।

Location :  Maharajganj

Published :  31 August 2026, 9:51 AM IST