
जांच रिपोर्ट में खुली पोल
Maharajganj: जनपद के चर्चित चौक नगर पंचायत अंतर्गत ओबरी वार्ड में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बन रही धर्मशाला का निर्माण अब विवादों में घिर गया है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक निर्माण कार्य में गंभीर स्तर की अनियमितताएं बरती गईं, जिससे भ्रष्टाचार की गंध साफ महसूस की जा रही है।
बताया जा रहा है कि धर्मशाला निर्माण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया। निर्माण में प्रयुक्त ईंटें दोयम दर्जे की थीं और बीम का निर्माण तय मानकों के विपरीत किया गया। इतना ही नहीं, निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण के नियमों की खुलकर अनदेखी की गई, जिससे भवन की मजबूती और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
Maharajganj News: निर्माण कार्यों में देरी पर डीएम सख्त, तय समय में गुणवत्ता से समझौता नहीं
इस पूरे मामले को सबसे पहले डाइनामाइट न्यूज ने प्रमुखता से उजागर किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दिए। उनके निर्देश पर अपर एसडीएम की निगरानी में जल निगम के सहायक अभियंता (एई) को शामिल करते हुए एक जांच समिति गठित की गई।
जांच समिति ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की बारीकी से जांच की। सामग्री की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया और तकनीकी मानकों का परीक्षण करने के बाद समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची कि धर्मशाला निर्माण में भारी अनियमितताएं की गई हैं। जांच के बाद जल निगम के इंजीनियर द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है।
इस मामले में जांच कर रहे अपर एसडीएम प्रेम शंकर पांडेय ने डाइनामाइट न्यूज से बातचीत में बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और शीघ्र ही इसे उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारी स्तर से की जाएगी।
अब चौक नगर पंचायत में दो करोड़ रुपये की लागत से बन रही धर्मशाला के इस कथित भ्रष्टाचार को लेकर ठेकेदार, संबंधित फर्म और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है। क्षेत्रवासियों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Location : Maharajganj
Published : 16 December 2025, 3:02 PM IST