महाराजगंज: महिला अस्पताल में डीएम की आधी रात छापेमारी, ड्यूटी से गायब डॉक्टरों का वेतन रोका, गार्डों पर भी कार्रवाई

महराजगंज के जिला महिला अस्पताल में डीएम गौरव सिंह सोगरवाल के औचक निरीक्षण के दौरान डॉक्टर और सुरक्षा गार्ड ड्यूटी से नदारद मिले। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश पर सीएमएस ने अनुपस्थित चिकित्सकों का वेतन रोक दिया है और उच्चाधिकारियों को विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया है।

Maharajganj: जिला महिला अस्पताल में आधी रात जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अचानक हुई छापेमारी का बड़ा असर सामने आया है। डीएम के औचक निरीक्षण में ड्यूटी से डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों के नदारद मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमे ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अस्पताल प्रशासन ने संबंधित चिकित्सकों का वेतन तत्काल प्रभाव से बाधित कर दिया है, जबकि मामले को आगे की विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है।

दरअसल, बीती आधी रात जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल बिना किसी गनर, ओएसडी या बड़े सरकारी तामझाम के अचानक जिला महिला अस्पताल पहुंच गए थे। डीएम के अचानक अस्पताल पहुंचने से वहां मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने सीधे अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेना शुरू किया और मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।

इसके बाद डीएम ने अस्पताल में रात की ड्यूटी व्यवस्था, डॉक्टरों की मौजूदगी, मरीजों की देखभाल, अस्पताल के कामकाज और सुरक्षा इंतजामों की जांच की। निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक अपनी ड्यूटी से नदारद मिले। इनमें डॉक्टर श्वेतांशु शाही, डॉक्टर शालिनी के नाम सामने आए। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में तैनात गार्ड अखिलेश गुप्ता और रविनोद पाण्डेय भी मौके पर मौजूद नहीं पाए गए।

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आधी रात के समय महिला अस्पताल में डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों की गैरमौजूदगी को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। डीएम ने मौके पर ही CMS को संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले में तत्काल कदम उठाया।

CMS एके द्विवेदी ने जिलाधिकारी के निर्देश के बाद ड्यूटी से अनुपस्थित मिले डॉक्टरों का वेतन तत्काल प्रभाव से बाधित कर दिया। इसके अलावा संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और DG Health को पत्र भेजा गया है।
डीएम की कार्रवाई के बाद बदली तस्वीर

महिला अस्पताल में हुई इस कार्रवाई को स्वास्थ्य विभाग के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी केवल रोस्टर तक सीमित न रहे और निर्धारित समय पर चिकित्सकों की वास्तविक मौजूदगी सुनिश्चित हो, इसे लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है।

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खासकर जिला महिला अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में रात के समय चिकित्सकों की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। प्रसव, आपात स्थिति और गंभीर मरीजों को किसी भी समय चिकित्सकीय सहायता की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों की गैरमौजूदगी सीधे मरीजों की सुरक्षा और अस्पताल की व्यवस्था से जुड़ा सवाल बन जाती है।

डीएम के औचक निरीक्षण के बाद अब संबंधित डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वेतन बाधित किए जाने के बाद मामला CMO और DG Health तक पहुंच चुका है। ऐसे में अब आगे की विभागीय कार्रवाई पर नजर रहेगी।

Location :  Maharajganj

Published :  6 October 2026, 12:13 PM IST

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